ऊर्जा मंत्री नागर ने की श्रीनाथपुरम स्टेडियम की विजिट

Written by : प्रमुख संवाद

​कोटा, 13 मार्च।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार सुबह कोटा के श्रीनाथपुरम स्टेडियम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खेल मैदान के निर्माण में भारी अनियमितताएं और घटिया सामग्री का उपयोग पाए जाने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान उनके साथ कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। खेल मैदान की दुर्दशा और घटिया मिट्टी के उपयोग को देखते हुए मंत्री नागर ने तुरंत प्रभाव से ‘थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन’ के निर्देश देते हुए कहा कि कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो।

​मैदान का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए मंत्री नागर ने पाया कि बिछाई गई मिट्टी मानकों के अनुरूप नहीं है और उसमें कंकड़-पत्थर मौजूद हैं। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मिट्टी में सैंड पार्टिकल का सही अनुपात होना चाहिए। ताकि खिलाड़ियों को चोट न लगे। उन्होंने पुरानी घटिया मिट्टी को पूरी तरह हटाकर नई मिट्टी डालने, फाइन डस्ट का उपयोग करने और मैदान में ‘दोब’ घास लगाने के निर्देश दिए।

मंत्री ने तकनीकी पक्ष पर जोर देते हुए कहा कि मिट्टी की पी-वैल्यू ज्यादा नहीं होनी चाहिए। उसमें ढेले नहीं बनने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिट्टी में स्पंजिंग का गुण होना अनिवार्य है। यह एक विश्वस्तरीय फुटबॉल ग्राउंड के रूप में तैयार हो सकेगा।

​स्टेडियम की सुरक्षा और रखरखाव की बदहाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि करोड़ों की लागत से बने सिंथेटिक ट्रैक पर मवेशी और आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने स्टेडियम में सुरक्षा गार्डों की कमी और चारों तरफ फैली गंदगी के अंबार पर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जब तक निर्माण कार्य चल रहा है, पूरे मैदान की फेंसिंग कर इसे बंद रखा जाए और काम पूरा होते ही सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए जाएं।

मंत्री नागर ने ठेकेदार फर्म की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो और 15 दिन के भीतर पूरे मैदान को व्यवस्थित कर खेल गतिविधियों के योग्य बनाया जाए।

बच्चों ने कहा – बार बार जूते और बॉल फट जाते हैं
​निरीक्षण के दौरान वहां अभ्यास कर रहे बाल खिलाड़ियों ने मंत्री को अपनी व्यथा सुनाई। बच्चों ने बताया कि घटिया मिट्टी और पत्थरों के कारण उनके जूते और फुटबॉल बार-बार फट जाते हैं और अभ्यास के दौरान चोट लगने का डर बना रहता है। इस पर संवेदनशील रुख अपनाते हुए मंत्री नागर ने कहा कि श्रीनाथपुरम स्टेडियम हाड़ौती का गौरव है। जहाँ से कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं। हमारा लक्ष्य इसे एक सुव्यवस्थित और सुरक्षित मैदान बनाना है, ताकि यहां स्पोर्ट्स एक्टिविटी बढ़ें और स्थानीय व बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को अभ्यास का उचित माहौल मिल सके।

ऐतिहासिक रहा बजट सत्र
​मीडिया से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री ने विधानसभा के बजट सत्र पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाल ही में समाप्त हुआ बजट सत्र ऐतिहासिक रहा है। जिसमें राजस्थान की जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप बजट पेश किया गया है। यह बजट प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास पानी और बिजली जैसे कोई ठोस मुद्दे नहीं थे, इसलिए वे केवल झूठी बातों के आधार पर चर्चा में रहने की कोशिश करते रहे। जबकि सरकार ने जनकल्याण के कई महत्वपूर्ण बिल पास कर प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया है।

Pramukh Samvad

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