Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 21 अप्रैल।
कोटा-बूंदी क्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीद को अधिक प्रभावी और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सीएडी सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में भारतीय खाद्य निगम (FCI), राजफैड, तिलमसंघ, एनसीसीएफ तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान बिरला ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक जिले में गेहूं खरीद का निर्धारित लक्ष्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक कोई भी खरीद केंद्र बंद नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर गेहूं बेचने आए किसी भी किसान को बिना खरीद के वापस नहीं लौटना चाहिए और पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं सुचारू होनी चाहिए।
उन्होंने आगामी दिनों में खरीद की मात्रा बढ़ने की संभावना को देखते हुए गोदामों में गेहूं उठाव और अनलोडिंग की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। एफसीआई गोदामों के बाहर वाहनों की लंबी कतार न लगे, इसके लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
लॉजिस्टिक और भंडारण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बिरला ने कहा कि बारदाने (बोरों) की कमी किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभागों को शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, खराब बारदाने को तुरंत बदलने के भी निर्देश दिए गए।
राजफैड एवं अन्य एजेंसियों को निर्देशित किया गया कि खरीद केंद्रों से गेहूं का समय पर रेलवे यार्ड तक परिवहन सुनिश्चित करें, ताकि रेक की व्यवस्था सुचारू रूप से की जा सके। इसके अलावा मंडियों में तुलाई कांटों की संख्या बढ़ाने, तिरपाल, छाया और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में एफसीआई अधिकारियों ने जानकारी दी कि कोटा संभाग में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और गेहूं परिवहन के लिए रेल व सड़क दोनों माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।
इस अवसर पर संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
