चम्बल परियोजना समिति की बैठक संपन्न: खरीफ फसल के लिए जुलाई में छोड़ा जाएगा नहरों में पानी

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 5 जून।
चम्बल परियोजना समिति, कोटा की बैठक शुक्रवार को सीएडी सभागार में आयोजित की गई। अध्यक्षता चम्बल परियोजना समिति के सभापति सुनील गालव ने की। बैठक में चम्बल सिंचित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विकास कार्यों की व्यापक स्तर पर समीक्षा की गई तथा पूर्व निर्धारित आठ सूत्रीय एजेंडे पर सभी उपस्थित विभागीय अधिकारियों एवं कृषक प्रतिनिधियों के साथ अत्यंत विस्तार से विचार-विमर्श कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में आगामी खरीफ की फसल को ध्यान में रखते हुए कृषक प्रतिनिधियों द्वारा जुलाई माह में नहरों में समय पर पानी छोड़ने की मांग अत्यंत प्रमुखता के साथ उठाई गई। सभापति सुनील गालव ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जुलाई, अगस्त और सितंबर माह में नहरों में पानी का सुचारू और पर्याप्त प्रवाह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को धान एवं सोयाबीन की फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही, सभापति ने सीएडी विभाग के अंतर्गत वर्तमान में चल रहे समस्त निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट तथा वर्क ऑर्डर की प्रतियों को शीघ्र अति शीघ्र अध्यक्ष कार्यालय में उपलब्ध कराने की बात कही।

वित्तीय प्रबंधन और सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए बैठक में सिंचाई राजस्व वसूली की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई। राजस्व वसूली की गति को और अधिक तीव्र करने के उद्देश्य से यह नीतिगत निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह अधिशाषी अभियन्ता स्तर पर सभी जल उपभोक्ता संगमों के अध्यक्षों के साथ अनिवार्य रूप से समन्वय बैठक आयोजित की जाए। इन बैठकों के माध्यम से धरातलीय समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाएगा और राजस्व संग्रहण के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, दाईं मुख्य नहर (मेन कैनाल) की पक्की लाइनिंग की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र या अन्य उच्च तकनीकी एजेंसी से कराने की कार्ययोजना पर भी गंभीर मंथन हुआ।

नरेगा के माध्यम से नहरों एवं धोरों की सफाई और गुणवत्ता नियंत्रण
मानसून के आगमन को देखते हुए जल भराव और सुचारू जल प्रवाह के लिए मानसून से पूर्व ही समस्त नहरों की व्यापक साफ-सफाई का कार्य मनरेगा (जी राम जी) योजना के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए। चम्बल सिंचित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धोरों की सफाई का कार्य नरेगा योजना के तहत खेत सुधार विभाग के माध्यम से तत्परता से कराने की स्वीकृति दी गई। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के साथ-साथ सिंचाई प्रणाली सुदृढ़ होगी। सभापति ने स्पष्ट किया कि चम्बल परियोजना की नहरों पर चल रहे समस्त निर्माण कार्यों को पूर्णतः गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में ही पूरा किया जाए। कार्य पूर्ण होने के उपरान्त संबंधित जल उपभोक्ता संगम समितियों के पदाधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से मौका निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए ताकि कार्यों की प्रामाणिकता बनी रहे।

मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं का त्वरित क्रियान्वयन
बैठक के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सभापति ने विभागीय अधिकारियों को पाबंद किया कि वर्ष 2026-27 के स्वीकृत विकास कार्यों की शीघ्र अति शीघ्र निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित की जाएं। समस्त प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को अविलंब पूरा करते हुए कार्य को नियत समय पर धरातल पर शुरू कराया जाए। जिससे आमजन और कृषक वर्ग को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके।

बैठक में कुलदीप सिंह गौड़ (सचिव), धर्मराज गुर्जर (उपसभापति व अध्यक्ष वितरण समिति कुन्हाड़ी), अशोक नदवाना (पूर्व उपसभापति), चन्दा सिंह हाड़ा (अध्यक्ष, जमीतपुरा), बृजमोहन मालव (अध्यक्ष, जालीपुरा), अम्बालाल (वितरण समिति, खातौली), रघुवीर मीणा (अध्यक्ष, वितरण ईश्वरपुरा), एसई शिवलाल वर्मा, संजय के. सिंह, हरीश लाल मीणा, एईएन विकास गोस्वामी, मनीष मटवाले सहित अनेक तकनीकी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

Pramukh Samvad

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