हाईकोर्ट में सरकार का प्रस्तावित रूपरेखा शपथपत्र! अंतिम अधिसूचना निर्वाचन आयोग करेगा जारी

Written by : Sanjay kumar

जयपुर, 21 जुलाई। राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों का रोडमैप तय हो गया है। राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष विस्तृत चुनावी कार्यक्रम चुनावी रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे राज्य में चुनावी प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी जिसकी अधिसूचना निर्वाचन आयोग द्वारा समय पर जारी कर दी जाएगी जिसमें चुनाव को लेकर संपूर्ण रूपरेखा शामिल होगी। यह निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट की सख्त निगरानी और समयबद्ध चुनाव कराने के निर्देशों के बाद सामने आया है। सरकार ने यह भी बताया है कि 5 अगस्त तक ओबीसी आयोग को आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराए जाएंगे तथा 15 अगस्त तक आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगा।

करीब 1.54 लाख निर्वाचित पदों के लिए होने वाले इन चुनावों में प्रदेशभर से लाखों प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे। लोकतंत्र के इस सबसे बड़े जमीनी महापर्व में शहरों और गांवों की सरकार चुनने के लिए लगभग 5.46 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे।

दो चरणों में होंगे नगरीय निकाय चुनाव

सरकार के अनुसार नगरीय निकाय चुनाव 17 अगस्त से शुरू होंगे। 22 अगस्त को अधिसूचना जारी होगी, जबकि 27 अगस्त तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 29 अगस्त को होगी, 31 अगस्त तक नाम वापस लिए जा सकेंगे तथा 1 सितंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।

पहले चरण का मतदान 6 सितंबर तथा दूसरे चरण का मतदान 9 सितंबर को प्रस्तावित है। मतगणना 11 सितंबर को होगी।

इन चुनावों में मतदाता पार्षद (वार्ड सदस्य) का प्रत्यक्ष चुनाव करेंगे, जबकि महापौर, सभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव निर्वाचित पार्षदों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया जाएगा। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों की प्रक्रिया 12 से 20 सितंबर के बीच पूरी होगी।

चार चरणों में होंगे पंचायतीराज चुनाव

पंचायतीराज चुनावों की घोषणा 23 सितंबर को होगी तथा 28 सितंबर को अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 1 अक्टूबर निर्धारित की गई है। नाम वापसी और उम्मीदवारों की अंतिम सूची 5 अक्टूबर को जारी होगी।

चार चरणों में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम इस प्रकार प्रस्तावित है—

  • पहला चरण: 12 अक्टूबर
  • दूसरा चरण: 23 अक्टूबर
  • तीसरा चरण: 28 अक्टूबर
  • चौथा चरण: 2 नवंबर

जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव क्रमशः 13, 23, 29 अक्टूबर तथा 3 नवंबर को होंगे, जबकि वार्ड पंच एवं सरपंच के चुनाव 14, 24, 30 अक्टूबर तथा 4 नवंबर को कराए जाएंगे।

इन चुनावों में मतदाता वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य का प्रत्यक्ष चुनाव करेंगे। इसके बाद प्रधान, उपप्रधान, जिला प्रमुख एवं उप जिला प्रमुख का निर्वाचन निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया जाएगा।

5.46 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान

सरकारी आंकड़ों के अनुसार नगरीय निकाय चुनावों में 10,245 वार्डों के लिए 16,482 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जहां 1,43,75,806 मतदाता मतदान करेंगे।

इसके बाद पंचायतीराज चुनाव 45,316 मतदान केंद्रों पर संपन्न होंगे, जिनमें 4,02,18,969 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

दोनों चुनावों को मिलाकर प्रदेश में लगभग 5.46 करोड़ मतदाता लोकतंत्र के इस महाअभियान में भाग लेंगे।

प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती

इतने बड़े स्तर पर चुनाव कराना प्रशासन के लिए भी किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होगा। एक चरण के नगरीय निकाय चुनाव के संचालन के लिए लगभग 60 हजार सरकारी कर्मचारियों तथा 50 हजार पुलिसकर्मियों की आवश्यकता होगी।

वहीं पंचायतीराज चुनाव के प्रत्येक चरण में करीब 80 हजार सरकारी कर्मचारी और 70 हजार पुलिसकर्मी चुनावी व्यवस्था संभालेंगे। यही कारण है कि राज्य सरकार ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को अलग-अलग चरणों में कराने का निर्णय लिया है।

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बनी समय-सीमा

पंचायत एवं निकाय चुनाव लंबे समय से लंबित थे, जिस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से कई बार जवाब तलब किया था। इसके बाद सरकार ने अदालत के समक्ष विस्तृत शपथपत्र प्रस्तुत कर चुनाव प्रक्रिया की समय-सीमा तय की है। सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि आवश्यक आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव 15 नवंबर 2026 तक संपन्न करा दिए जाएंगे।

Pramukh Samvad

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