Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 21 जुलाई।
राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत और नगरीय निकायों के आगामी आम चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश जारी किए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा द्वारा जारी इन नए आदेशों के तहत चुनाव प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के तबादलों की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिन अधिकारियों की तैनाती उनके गृह जिले, गृह नगरीय क्षेत्र या गृह पंचायत समिति क्षेत्र में है, अथवा जो एक ही स्थान पर लंबे समय से कार्यरत हैं, उनका 15 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से तबादला किया जाए।
मुख्य बिंदु एवं स्थानांतरण के दायरे में आने वाले अधिकारी:
- जिला एवं संभाग स्तर: संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी, उपखंड अधिकारी, सहायक कलेक्टर, तहसीलदार, पुलिस उपाधीक्षक तथा जयपुर और जोधपुर शहर के पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त अपने गृह जिलों में पदस्थापित नहीं रह सकेंगे।
- नगरीय निकाय स्तर: नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं के आयुक्त, उपायुक्त, अधिशासी अधिकारी, नगर सुधार न्यास (UIT) व विकास प्राधिकरणों के वरिष्ठ अधिकारी, थानाधिकारी, आबकारी निरीक्षक, नायब तहसीलदार और पुलिस उपनिरीक्षक अपने गृह नगरीय क्षेत्र में तैनात नहीं किए जाएंगे।
- पंचायत समिति स्तर: खंड विकास अधिकारी (BDO), थानाधिकारी, आबकारी निरीक्षक, नायब तहसीलदार और पुलिस उपनिरीक्षक अपने गृह पंचायत समिति क्षेत्र में पदस्थापित नहीं रहेंगे।
3 साल की समयावधि का नियम:
आयोग ने स्पष्ट किया है कि 30 नवंबर 2026 को कट-ऑफ तिथि मानते हुए, जिन अधिकारियों ने पिछले चार वर्षों में किसी एक जिले, नगरीय क्षेत्र या पंचायत समिति में तीन वर्ष से अधिक समय तक कार्य किया है, उन्हें भी चुनाव से पहले अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा। मानकों के विपरीत पाए जाने वाले सभी अधिकारियों के तबादले 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरे करने होंगे।
लापरवाह कर्मियों पर सख्त रोक:
निर्देशों के अनुसार, जिन कार्मिकों के खिलाफ पिछले चुनावों में चुनावी लापरवाही या अनिमितताओं को लेकर भारत निर्वाचन आयोग या राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, उन्हें चुनाव से जुड़े किसी भी सीधे पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।
चुनाव घोषणा के बाद ट्रांसफर पर प्रतिबंध:
उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के चुनावी रोडमैप को स्वीकार करते हुए 15 नवंबर 2026 से पहले पंचायत और शहरी निकाय चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत पहले शहरी निकाय और उसके बाद पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक बार चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद, निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
