Written by : Sanjay kumar
नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026
मुख्य बातें
- प्रमुख मांग: नीट पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और अन्य दलों का उग्र प्रदर्शन।
- हिरासत: दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
- राजनीतिक बयानबाज़ी: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर अपनी बात से मुकरने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस ने इसे तानाशाही करार दिया।
- पीएम मोदी का पक्ष: संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट मामले पर सरकार का रुख स्पष्ट किया।

विस्तृत विवरण
1. पीएम आवास के बाहर धरना और नेताओं की हिरासत
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 7 लोक कल्याण मार्ग (प्रधानमंत्री आवास) के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं ने खुद को रस्सी से बांधकर अनोखा विरोध जताया। प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल रहे।
दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं को मंदिर मार्ग थाने और छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। स्थिति का जायजा लेने के लिए कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं।
2. जितेंद्र सिंह और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग
धरना स्थल पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन पहुंचे थे। मुलाक़ात के बाद जितेंद्र सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि राहुल गांधी ने पहले केवल संसद में नीट पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन मांग माने जाने पर वे अपनी बात से मुकर गए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की नई मांग रख दी।
इसके पलटवार में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार या उसके मंत्रियों को यह तय करने का कोई अधिकार नहीं है कि विपक्ष या देश के छात्र क्या मांग कर सकते हैं। पवन खेड़ा ने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से बिना शर्त माफ़ी मांगने की मांग की। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी इसे “बीजेपी का आतंकवाद” करार दिया।
3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान
मॉनसून सत्र के दौरान एनडीए सांसदों के ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार नीट पेपर लीक मामले पर अपनी बात रखी। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी का संदेश साझा किया:
- सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की और 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
- छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए बिना देरी के नीट की दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कर परिणाम घोषित किए गए।
- पीएम मोदी ने अपील की है कि पेपर लीक के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों की मदद ली जाए।
- प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पेपर लीक केवल केंद्र का नहीं बल्कि पूरे देश के राज्यों से जुड़ा विषय है, और इस पाप में लिप्त लोगों को सजा देने के लिए सभी को एकजुट होना होगा।
