Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 22 अप्रैल। निजीकरण की नीतियों के विरोध में आज भारतीय मजदूर संघ, कोटा थर्मल इकाई के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया और राज्यव्यापी अभियान के तहत ज्ञापन सौंपा।
यह कार्यक्रम वीरेंद्र कश्यप के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान एवं निजीकरण के निर्णयों पर पुनर्विचार की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। ज्ञापन मुख्य ऊर्जा सचिव श्रीमती आरती डोगरा, ऊर्जा विभाग, राजस्थान सरकार (जयपुर) के नाम मुख्य अभियंता श्रीमती शिखा अग्रवाल, कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन के माध्यम से प्रेषित किया गया।
यह पहल राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ के आह्वान पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे संयुक्त अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी विद्युत निगमों, सर्किल कार्यालयों एवं पावर प्लांटों में एक साथ ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। कोटा थर्मल इकाई ने भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए कर्मचारियों की एकजुटता का परिचय दिया।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि निजीकरण की नीतियां श्रमिकों के हितों के विपरीत हैं, जिससे रोजगार की सुरक्षा एवं कार्य परिस्थितियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए और निजीकरण जैसे निर्णयों पर पुनर्विचार किया जाए।
साथ ही कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
