Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 6 जून 2026।
कोटा ग्रामीण क्षेत्र में अपराध और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्रिमिनल डिस्टिंग” के तहत आज एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई में कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) की लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य की ढाई बीघा भूमि, जिस पर अपराधियों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किया गया था, उसे पूर्ण रूप से ध्वस्त कर मुक्त कराया गया।

सूत्रों के अनुसार उक्त भूमि पर आरोपियों द्वारा अपराध से अर्जित अवैध धन के माध्यम से लगभग 35 लाख रुपये मूल्य का पक्का मकान एवं दो दुकानें निर्मित कर ली गई थीं। यह पूरा निर्माण अवैध अतिक्रमण की श्रेणी में पाया गया, जिसे आज पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में हटाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह भूमि कोटा विकास प्राधिकरण की है, जिस पर लंबे समय से कुख्यात अपराधियों द्वारा कब्जा जमाया हुआ था। कार्रवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को नशे और अपराध की ओर धकेलने का कार्य कर रहे थे।
लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों और अवैध कब्जों को देखते हुए कोटा ग्रामीण पुलिस द्वारा “जीरो टॉलरेंस नीति” के तहत यह सख्त कदम उठाया गया है।
कार्रवाई से पूर्व पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर (आईपीएस) के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। अभियान में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा, वृताधिकारी/डीएसपी स्तर के अधिकारी अनिल जोशी एवं कैलाश मीणा, तथा संबंधित थाना कैथून के थानाधिकारी एवं पुलिस जाप्ता मौजूद रहा।
कार्रवाई के दौरान फरार हार्डकोर आरोपी शांतिलाल उर्फ शानिया पुत्र छोटूलाल उर्फ घनश्याम, जाति गुर्जर, निवासी अरंडखेड़ा द्वारा किए गए अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया तथा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर मौजूद रहकर संपूर्ण कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। कार्रवाई के पश्चात क्षेत्र में अवैध कब्जों और अपराध से अर्जित संपत्तियों पर सख्त संदेश गया है कि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
