Written by : प्रमुख संवाद
कोटा। 5 जून 2026
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटा विकास प्राधिकरण में पदस्थ लिपिक जुगल किशोर मीणा और संविदा कर्मी कपिल राज को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी संपत्ति के नामांतरण की फाइल आगे बढ़ाने के लिए कर्मचारियों द्वारा कुल 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत के बाद ACB ने गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांग की पुष्टि हुई।
जांच में सामने आया कि केडीए में कार्यरत लिपिक जुगल किशोर मीणा अपने सहयोगी संविदा कर्मी कपिल राज के माध्यम से रिश्वत की मांग कर रहा था। योजना के अनुसार ACB ने ट्रैप कार्रवाई की और परिवादी को केडीए परिसर स्थित कैंटीन में बुलाया गया, जहां कपिल राज ने 15 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की। जैसे ही लेन-देन पूरा हुआ, ACB टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान लिपिक जुगल किशोर मीणा मौके से फरार होकर नयापुरा स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय पहुंच गया था। इसके बाद ACB की दूसरी टीम ने वहां दबिश देकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
ACB के उप अधीक्षक अनीश अहमद के अनुसार, आरोपियों द्वारा नामांतरण कार्य के बदले परिवादी से कुल 50 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसमें 20 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे। शेष 15 हजार रुपये लेते समय दोनों आरोपी ट्रैप में फंस गए।
जांच में यह भी सामने आया है कि जुगल किशोर मीणा मूल रूप से चंबल कमांड एरिया डेवलपमेंट विभाग का कर्मचारी है और डेपुटेशन पर केडीए में कार्यरत था। उसके वापस सीएडी विभाग में भेजने के आदेश 15 अप्रैल को जारी हो चुके थे, लेकिन आदेश के बावजूद वह डेढ़ महीने से अधिक समय तक केडीए में कार्य करता रहा। यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही भी जांच के दायरे में है।
ACB ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
