Written by : प्रमुख संवाद
झालावाड़, 28 अप्रैल। जिले के बहुचर्चित भीमसागर डेम दोहरे हत्याकांड में न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए 11 आरोपियों को आजीवन कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र मीणा की अदालत द्वारा सुनाया गया, जिसने करीब चार वर्ष पुराने इस सनसनीखेज मामले का पटाक्षेप किया।
यह मामला 2 जून 2022 की रात का है, जब मछली ठेके के विवाद को लेकर कालीसिंध नदी एवं भीमसागर डेम क्षेत्र में हिंसक घटना हुई थी। मृतक गैंगस्टर मुख्तियार मलिक और उसका साथी कमल किशोर, दोनों मछली पकड़ने और चौकीदारी के कार्य से जुड़े हुए थे। घटना के समय वे अन्य साथियों के साथ नाव में सवार होकर डेम क्षेत्र में निगरानी कर रहे थे।
इसी दौरान कांसखेड़ली गांव के पास पहले से घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में कमल किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मुख्तियार मलिक को हमलावर अपने साथ ले गए, जिसका शव बाद में जंगल में बरामद हुआ। इस घटना के पीछे मछली ठेके को लेकर पुराना विवाद और आपसी रंजिश प्रमुख कारण सामने आया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच पहले भी धमकियां दी गई थीं।
प्रकरण में असनावर थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 44 गवाहों और 94 दस्तावेजों के माध्यम से घटना को प्रमाणित किया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सभी प्रमुख आरोपियों को दोषी ठहराया।
अदालत ने अब्दुल बंटी सहित कुल 11 आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि एक अन्य आरोपी को शस्त्र अधिनियम के तहत सात वर्ष के साधारण कारावास से दंडित किया गया है।
इस निर्णय को क्षेत्र में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसने लंबे समय से चले आ रहे इस मामले में पीड़ित पक्ष को राहत प्रदान की है।
