श्री भक्तामर विधान में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था, मंगल प्रवचनों से गूंजा जिनालय

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 18 जून। तलवंडी स्थित श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित त्रिदिवसीय श्रुत पंचमी महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को प्रातःकाल श्री भक्तामर विधान तथा सायंकाल भव्य भजन संध्या के आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया।
मंत्री प्रकाश सामरिया ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ मंगलाचरण, प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुआ। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने भक्तामर विधान में भाग लेकर भगवान जिनेन्द्र की आराधना की तथा विश्व शांति, मानव कल्याण और आत्मिक उन्नति की मंगलकामना की। विधान में आज के सौधर्म इंद्र परिवार राजेश जी,किरण , रक्षिता, सर्वज्ञ मंगलम परिवार, द्रव्य पुण्यर्जक निहाल जी ,राहुल,रोहित धनोप्या , परिवार

धर्म नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया
निर्वाण लाडू समर्पण
अशोक जी मंजू जी पहाड़िया परिवार
इस दौरान आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं नवाचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्यों मुनि श्री 108 निरोग सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 निर्मोह सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 निरामय सागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 निर्भीक सागर जी महाराज का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री 108 निर्मोह सागर जी महाराज ने कहा कि भक्तामर स्तोत्र के प्रत्येक काव्य में अनंत श्रद्धा, सम्यक् दर्शन और आत्मकल्याण का संदेश समाहित है। श्रद्धापूर्वक भक्तामर विधान करने से आत्मशक्ति जागृत होती है तथा कर्मों की निर्जरा का मार्ग प्रशस्त होता है। यह विधान प्रभु आदिनाथ के दिव्य गुणों के चिंतन के माध्यम से आत्मा की शुद्धि एवं मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।
सायंकाल धर्मशाला प्रांगण में आयोजित भव्य भजन संध्या श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सुप्रसिद्ध भजन गायक विनोद भैया, जबलपुर ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रभु भक्ति, गुरु महिमा और जैन संस्कृति पर आधारित भजनों की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो उठा तथा गुरु एवं प्रभु भक्ति के जयघोषों से गूंजता रहा।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, महिला मंडल एवं युवा शक्ति की उल्लेखनीय सहभागिता रही। इस अवसर पर अशोक पहाड़िया, महामंत्री प्रकाश सामरिया, जे.के. जैन, उपेंद्र जैन, राजकुमार लुहाड़िया, रविन्द्र जैन, मनोज जैसवाल, संजय निर्वाण, अनिल जैन, अरविंद जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अध्यक्ष अशोक पहाडिया ने बताया कि महोत्सव का समापन शुक्रवार, 19 जून को श्रुत स्कंध विधान के साथ होगा। प्रातः प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा, पूजन विधान, मंगल प्रवचन तथा सायंकाल आचार्य भक्ति एवं महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

Pramukh Samvad

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