Written by : Sanjay kumar
नई दिल्ली, 29 जुलाई। कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गृह मंत्री अमित शाह को छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई का जिम्मेदार ठहराया।
राहुल गांधी ने दावा किया कि 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि घायल छात्रों के चिकित्सकीय दस्तावेज देखने के बाद उन्हें इस कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा हुआ। राहुल का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है, क्योंकि दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कील लगी लाठियों से हमला किया गया और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी बल प्रयोग हुआ। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग बिना पुलिस वर्दी के भी मौजूद थे, जिनकी भूमिका पर सवाल उठाए जाने चाहिए।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गृह मंत्री अमित शाह को पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 25 जुलाई को गृह मंत्री को पत्र भी लिखा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आरोप लगाया कि लोकसभा में छात्रों के मुद्दे पर बोलते समय उन्हें बार-बार रोका गया और अपनी बात पूरी नहीं रखने दी गई। उन्होंने कहा कि संसद में उनकी आवाज भले दबाई जा सकती है, लेकिन छात्रों की आवाज को नहीं दबाया जा सकता।
लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने हाल के छात्र आंदोलनों का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं ने अपने भविष्य की रक्षा के लिए आवाज उठाई है और इस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को महंगी और तेजी से व्यावसायिक होती व्यवस्था बताते हुए कहा कि छात्रों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
