Written by : प्रमुख संवाद
लाडनूं/कोटा, 3 अगस्त।
महादेव के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना
श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं स्थित प्रसिद्ध श्री बिजलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने सालासर बालाजी महाराज एवं बाबा खाटू श्याम जी के चरणों में नमन करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की।
प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल
ऊर्जा मंत्री नागर मंदिर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण के उपरांत आयोजित श्री बालाजी महाराज की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा के भी प्रमुख स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास हमारी सनातन संस्कृति एवं विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण
धार्मिक कार्यक्रम के उपरांत ऊर्जा मंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह पौधारोपण राज्य सरकार के ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया गया। उन्होंने नागरिकों से अधिकाधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि श्रावण मास प्रकृति के संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का सबसे उपयुक्त समय है।
पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संवारने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
श्रद्धालुओं ने किया स्वागत
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंदिर समिति के पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए धार्मिक एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश का समर्थन किया।
