RTU के नवनियुक्त कुलगुरु प्रो. निमित रंजन चौधरी ने संभाला कार्यभार, बोले-तकनीकी शिक्षा को कौशल, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा जाएगा

Written by : प्रमुख संवाद


कोटा, 23 अक्टूबर।
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) के नवनियुक्त कुलगुरु प्रो. निमित रंजन चौधरी ने आज विश्वविद्यालय परिसर में औपचारिक रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने प्रभारी कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत से पदभार संभाला।
कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों ने प्रो. चौधरी का स्वागत किया तथा शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर कुलसचिव भावना शर्मा, विभिन्न संकायाध्यक्ष, अधिष्ठाता और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने 18 अक्टूबर को आदेश जारी कर विख्यात शिक्षाविद् प्रो. निमित रंजन चौधरी, विभागाध्यक्ष (पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन विभाग), जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, को राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा का कुलगुरु नियुक्त किया था।


“विद्यार्थियों को कौशल, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ना मेरी प्राथमिकता रहेगी” — प्रो. चौधरी

कार्यभार ग्रहण के पश्चात आयोजित परिचय बैठक में प्रो. चौधरी ने विश्वविद्यालय अधिकारियों एवं शिक्षकों से संवाद किया और भावी कार्य दिशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल तकनीकी शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारपरक, अनुसंधान-आधारित और नवाचारोन्मुख शिक्षा प्रणाली से जोड़ना है।

प्रो. चौधरी ने कहा—

“तकनीकी शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यह नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक ज्ञान का संगम है। हमारा प्रयास रहेगा कि विद्यार्थी तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास और उद्यमिता की दिशा में भी अग्रसर हों।”

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप विश्वविद्यालय में तकनीकी नवाचारों और आधुनिक शैक्षणिक मानकों का क्रियान्वयन किया जाएगा, जिससे राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय को शिक्षण और अनुसंधान के उच्चतम स्तर तक पहुंचाया जा सके।


शोध और फैकल्टी विकास पर विशेष फोकस

प्रो. चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध एवं अनुसंधान गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा और शिक्षकों के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि —

“शिक्षक किसी भी संस्थान की आत्मा होते हैं। उनका समग्र विकास, नवाचार और शिक्षण कौशल को सशक्त बनाना मेरी प्राथमिकता रहेगी। हम सभी के सहयोग से पारदर्शिता और सामंजस्य के साथ विश्वविद्यालय को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएंगे।”


संबद्ध महाविद्यालयों को अकादमिक मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा

प्रो. चौधरी ने कहा कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के संबद्ध महाविद्यालय उसके आधार स्तंभ हैं। उनके हितों की रक्षा और समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उन्हें अकादमिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के बीच शोध-अनुसंधान और नवाचार का वातावरण विकसित किया जाएगा, जिससे एक जीवंत शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हो सके।


विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय ने अब तक तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और अकादमिक विशिष्टता को बनाए रखा है। प्रो. चौधरी ने कहा कि यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी और विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़, व्यवहारिक और नवाचारी बनाएगा।



Pramukh Samvad

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