महिला सुरक्षा से स्वावलंबन तक: कार्यस्थलों पर एक माह में अनिवार्य कमेटी गठन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर राष्ट्रीय महिला आयोग की सख्त पहल

Written by : प्रमुख संवाद


कोटा, 21 दिसंबर। राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष विजया राहटकर ने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन केवल योजनाओं तक सीमित न रहें, बल्कि जिला प्रशासन विभिन्न विभागों के समन्वय से उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्यस्थलों पर नियमानुसार आंतरिक शिकायत समितियों तथा असंगठित क्षेत्र की महिलाओं के लिए लोकल कमेटियों का गठन एक माह में अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए, जिससे महिलाएं सुरक्षित वातावरण में बिना भय अपनी बात रख सकें।

आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी और साइबर अपराध जैसे मामलों में प्रशासन और पुलिस का आपसी समन्वय निर्णायक भूमिका निभाए। वन स्टॉप सेंटर में परामर्श और सहायता सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा जिला प्रशासन नियमित निगरानी सुनिश्चित करे। लिंगानुपात सुधार, किशोरी एवं महिला स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएं।

स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को सराहते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को बैंकों से प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराए जाएं और जिला स्तर पर ऋण वितरण की सतत समीक्षा हो। पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाए तथा उनके उत्पादों को जीआई टैग दिलाने के प्रयास किए जाएं। प्रत्येक तीन माह में महिला केंद्रित योजनाओं की विभागवार समीक्षा कर परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।

विवाह पूर्व संवाद केंद्र ‘तेरे मेरे सपने’ की कोटा संभाग के सभी जिलों में स्थापना और प्रभावी संचालन पर बल देते हुए आयोग अध्यक्ष ने घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में प्रोटेक्शन ऑफिसर और नोडल ऑफिसर की नियुक्ति के लिए राज्य स्तर पर संवाद की आवश्यकता बताई। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस के समन्वय से महिला सुरक्षा मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

बैठक में कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में केंद्र एवं राज्य सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और सहायता तंत्र की प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समीक्षा की गई। राष्ट्रीय महिला आयोग की कानूनी परामर्शदाता अंजना शर्मा भी उपस्थित रहीं। संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने आश्वस्त किया कि आयोग के निर्देशों के अनुरूप चारों जिलों में महिला सुरक्षा और सम्मान की दिशा में प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा।

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