Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 01 जनवरी। धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित पंचम सन्यास दीक्षा महोत्सव आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और संत समागम का अनुपम उदाहरण बना। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें देशभर से आए संतों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
महोत्सव का विशेष आकर्षण निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाश मान्दा गिरि महाराज का जन्मोत्सव रहा, जिसे अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक दिव्य स्वरूप प्रदान किया।
मंच पर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, आचार्य गुरु बालमुकुंद महाराज सहित अनेक वरिष्ठ संत विराजमान रहे। सभी संतों ने अपने आशीर्वचनों के माध्यम से सन्यास परंपरा, साधना और समाज में आध्यात्मिक मूल्यों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
विशेष आमंत्रण पर कोटा से मंगलमुखी नैना देवी भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। उन्होंने मंचासीन संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाश मान्दा गिरि महाराज के आग्रह पर मंगलमुखी नैना देवी ने श्रद्धा स्वरूप एक सिक्का अर्पित किया, जिसे संत समाज ने मंगल भाव और आशीर्वाद के साथ स्वीकार किया।
समूचा आयोजन श्रद्धा, संयम, भक्ति और सनातन परंपराओं के संरक्षण का सशक्त संदेश देता हुआ आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।

