Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 8 जनवरी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश मंत्री जितेन्द्र लोधा, प्रदेश सह मंत्री चेतना पांचाल एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीप्ति मेवाड़ा ने 61वें प्रान्त अधिवेशन की विस्तृत जानकारी दी।
अभाविप का 61वाँ प्रान्त अधिवेशन 03 से 05 जनवरी 2026 तक बांसवाड़ा स्थित वीर बाला कालीबाई नगर के भगवान बिरसा मुंडा सभागार में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अधिवेशन संगठनात्मक सुदृढ़ता, शैक्षिक सुधार तथा सामाजिक चेतना की दृष्टि से ऐतिहासिक रहा।
अधिवेशन में शिक्षा व्यवस्था, राजस्थान के सामाजिक परिदृश्य, छात्रसंघ चुनावों की आवश्यकता तथा जनजातीय समाज की अस्मिता, सुरक्षा एवं अस्तित्व से जुड़े विषयों पर गहन मंथन किया गया। प्रतिनिधियों के सुझावों के साथ चार प्रमुख प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
अधिवेशन के दौरान प्रतिभागियों को जनजातीय क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, इतिहास एवं स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान से परिचित होने का अवसर मिला। अधिवेशन स्थल पर आयोजित गोविंद गुरु प्रदर्शनी ने सभी प्रतिनिधियों को अत्यंत प्रभावित किया। प्रदर्शनी में जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलन, सांस्कृतिक संरक्षण एवं अभाविप के 77 वर्षों के राष्ट्रनिर्माणकारी कार्यों की सजीव झलक प्रस्तुत की गई।
प्रदर्शनी का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी, गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा के कुलगुरु प्रो. के. एस. ठाकुर तथा अभाविप चित्तौड़ प्रान्त के उपाध्यक्ष डॉ. लोकेंद्र कलाल द्वारा किया गया।
प्रान्त मंत्री जितेन्द्र लोधा ने अधिवेशन में मंत्री प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि अभाविप द्वारा प्रान्त एवं राष्ट्र स्तर पर शैक्षिक, सामाजिक एवं संगठनात्मक क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सत्र 2025-26 में चित्तौड़ प्रान्त में 1,75,578 सदस्यता के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है।
अधिवेशन में सत्र 2025-26 के लिए प्रो. (डॉ.) पारस टांक को प्रान्त अध्यक्ष तथा जितेन्द्र लोधा को पुनः प्रान्त मंत्री निर्वाचित किया गया। चुनावाधिकारी सोनू गौराम द्वारा दोनों पदाधिकारियों को विधिवत पदभार ग्रहण कराया गया।
03 जनवरी को अधिवेशन का उद्घाटन महामंडलेश्वर ईश्वरानन्द जी ब्रह्मचारी, उत्तम स्वामी जी महाराज, अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री देवदत्त जोशी एवं राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा द्वारा किया गया।
अधिवेशन में “स्वाधीनता संग्राम एवं संस्कृति संरक्षण में जनजातीय समाज का योगदान” तथा “युवा भारत का आह्वान एवं विचार बैठक-2025 का क्रियान्वयन” विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त पाँच समानांतर सत्रों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं भारतीय ज्ञान परंपरा, वैश्विक आंदोलन, हल्दीघाटी युद्ध, युवा कौशल विकास एवं समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रदेश सह मंत्री चेतना पांचाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिवेशन में निम्न चार प्रस्ताव पारित किए गए—
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में संरचनात्मक सुधार
- राजस्थान का सामाजिक परिदृश्य
- षड्यंत्र, शोषण एवं पलायन के विरुद्ध संघर्ष—जनजातीय समाज की अस्मिता, सुरक्षा एवं अस्तित्व का प्रश्न
- छात्रसंघ चुनाव—सक्षम एवं संवेदनशील नेतृत्व निर्माण की आवश्यकता
आगामी अभियानों की घोषणा करते हुए प्रान्त मंत्री जितेन्द्र लोधा ने बताया कि अभाविप द्वारा प्रान्तभर में छात्रावास सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही महारानी अब्बका की 500वीं जन्मजयंती, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्मजयंती, संघ शताब्दी वर्ष के पंच प्रण, प्रो. यशवंतराव केलकर जन्मशती वर्ष, आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस तथा वंदेमातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त ‘परिसर चलो अभियान’ के अंतर्गत “स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम” विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक करने का विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।

