शिक्षा नगरी कोटा में 28 फरवरी को होगा नवल धर्मसभा का 5वां राष्ट्रीय अधिवेशन

कोटा: 26 फरवरी 2026

देश के 12 राज्यों से आएंगे 3000 प्रतिनिधि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रहेंगे मुख्य अतिथि

अखिल भारतीय सतगुरू मात्रंग ऋषि नवल धर्मसभा एवं नवल धर्मसभा यूथ विंग के संयुक्त तत्वावधान में 28 फरवरी 2026, शनिवार को शिक्षा नगरी कोटा में नवल धर्मसभा का पाँचवां राष्ट्रीय अधिवेशन भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से आयोजित किया जा रहा है। यह एक दिवसीय राष्ट्रीय समागम बोरखेड़ा पेट्रोल पम्प के समीप देवली अरब रोड स्थित श्याम रिसोर्ट में प्रातः 10 बजे से प्रारंभ होगा।

इस पावन अवसर पर पूज्य गुरुदेव आचार्य कुन्दन के सान्निध्य में तथा गुरु गादीपति आचार्य चरणदास महाराज (जोधपुर) की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न होगा। अधिवेशन के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में राजस्थान सरकार के केबिनेट मंत्री मदन दिलावर एवं झाबर सिंह खर्रा, विधायक संदीप शर्मा तथा कल्पना देवी अपने विचार व्यक्त करेंगे। कार्यक्रम में वाल्मीकि समाज के छह प्रमुख पंथों के पूज्य संतगण एवं महर्षि नवल साहेब के वंशज भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

आयोजन समिति के अनुसार इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के लगभग 12 राज्यों से 3000 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। कोटा महानगर की विभिन्न वाल्मीकि बस्तियों से माताएँ, बहिनें एवं समाजबंधु “हर-हर नवल, घर-घर नवल” के उद्घोष के साथ सहभागिता करेंगे। यह महासमागम धर्मगुरुओं के प्रति श्रद्धा, आस्था एवं सामाजिक एकजुटता का विराट प्रतीक होगा।

अधिवेशन को दो प्रमुख सत्रों में विभाजित किया गया है। प्रथम सत्र प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें समाज की प्रमुख मांगों एवं समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसमें महर्षि नवल स्वामी के विचारों को राजस्थान के शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने, कोटा में समाज के छात्रावास हेतु भूमि आवंटन, जोधपुर में स्वामी के भव्य पैनोरमा निर्माण, राजस्थान में सफाई कर्मचारियों की नई भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने तथा स्वामी जी के जन्मोत्सव पर सवैतनिक अवकाश घोषित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर रणनीति तैयार की जाएगी।

द्वितीय सत्र दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें सामाजिक चिंतन एवं धर्मसभा संगोष्ठी के अंतर्गत नवल धर्मसभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव सम्पन्न कराया जाएगा। इसके साथ ही मृत्यु भोज पर रोक, अंधविश्वास एवं रूढ़िवादिता के उन्मूलन, युवा वर्ग के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के सृजन तथा समाज को आर्थिक, शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने के विषयों पर गंभीर मंथन किया जाएगा।

नवल धर्मसभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सफेला एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कोटा में इतने विशाल स्तर पर राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन हाड़ौती अंचल के लिए गर्व और गौरव का विषय है। यह अधिवेशन समाज की भावी दिशा एवं नीति निर्धारण में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

आयोजन समिति ने समस्त वाल्मीकि धर्म-प्रेमी बंधुओं, माताओं, बहिनों एवं युवा साथियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

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