Sanjay kumar, 28 May 2026
अजमेर हत्याकांड : हादसे की कहानी निकली झूठ
राजस्थान के अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र में पूर्व सरपंच परिवार की मौत का मामला अब प्रदेश के सबसे खौफनाक और सुनियोजित पारिवारिक हत्याकांडों में बदल चुका है। जिस घटना को पहले सड़क हादसा और स्कॉर्पियो में अचानक लगी आग बताया जा रहा था, वह दरअसल बेहद शातिर तरीके से रची गई सामूहिक हत्या निकली। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी की पहली पत्नी सुनिता ने अपनी बेटी सरिता और नाबालिग बेटे के साथ मिलकर पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया और बाद में सबूत मिटाने के लिए शवों सहित स्कॉर्पियो को आग लगा दी।
तड़के जलती स्कॉर्पियो ने मचाई सनसनी
घटना गुरुवार तड़के करीब 5:30 बजे सामने आई, जब श्रीरामपुरा गांव के पास सड़क किनारे एक जलती हुई स्कॉर्पियो देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। शुरुआती सूचना यही फैली कि चलती गाड़ी में अचानक आग लग गई, जिससे पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी पत्नी सुरज्ञान देवी, मां पूसी देवी और रिश्तेदार महिमा जिंदा जल गए। तीन शव गाड़ी के भीतर मिले जबकि एक महिला का अधजला शव बाहर पड़ा मिला था। घटना की भयावह तस्वीरों और आग से जली स्कॉर्पियो ने पूरे इलाके को दहला दिया था।
शवों की हालत देखकर पुलिस को हुआ शक
लेकिन घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और एफएसएल टीम को शुरुआत से ही मामला संदिग्ध लगा। शवों की स्थिति सामान्य दुर्घटना जैसी नहीं थी। कई शवों पर संघर्ष और धारदार हथियार से वार के निशान दिखाई दिए। कार के आसपास खून के छींटे, मिट्टी पर घसीटने के निशान और घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस को साफ संकेत दे दिया कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि योजनाबद्ध हत्या है। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में जांच का दायरा तुरंत बढ़ाया गया।
घर पहुंची पुलिस तो खुलने लगा राज
जांच के दौरान पुलिस टीम जब रामसिंह चौधरी के घर पहुंची तो वहां का दृश्य और भी चौंकाने वाला था। घर का फर्श धोया हुआ मिला, लेकिन एफएसएल टीम ने बारीकी से जांच की तो अलग-अलग हिस्सों से खून के धब्बे और हत्या के संकेत मिले। पुलिस को शक हुआ कि हत्या घर के भीतर ही की गई और बाद में शवों को वाहन में डालकर सुनसान इलाके में ले जाकर आग लगाई गई। ग्रामीणों से मिली छोटी-छोटी जानकारियों और तकनीकी साक्ष्यों ने जांच को पूरी तरह हत्या की दिशा में मोड़ दिया।
मोबाइल लोकेशन ने उगला पूरा सच
इसके बाद पुलिस ने पहली पत्नी सुनिता और उसके बच्चों की गतिविधियों को खंगालना शुरू किया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और आपसी बातचीत के तकनीकी साक्ष्यों ने पूरा राज खोल दिया। घटना के समय सुनिता, उसकी बेटी और बेटा उसी इलाके में मौजूद पाए गए। पूछताछ में सुनिता लगातार बयान बदलती रही, लेकिन जब साइबर सेल और एफएसएल की रिपोर्ट उसके सामने रखी गई तो कुछ ही मिनटों में पूरा षड्यंत्र उजागर हो गया।
पहले हत्या, फिर हादसे का नाटक
पुलिस पूछताछ में आरोपी सुनिता ने स्वीकार किया कि लंबे समय से पारिवारिक विवाद और तनाव चल रहा था। बुधवार रात विवाद इतना बढ़ गया कि उसने बेटी सरिता और नाबालिग पुत्र के साथ मिलकर रामसिंह, सुरज्ञान देवी, पूसी देवी और महिमा पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। चारों की हत्या के बाद शवों को स्कॉर्पियो में डालकर गांव से दूर ले जाया गया और ज्वलनशील पदार्थ डालकर गाड़ी में आग लगा दी गई, ताकि पूरा मामला सड़क हादसा लगे और पुलिस गुमराह हो जाए।
कुएं से मिला खून से सना हथियार
वारदात के बाद पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया और घर से कुछ दूरी पर एक कुएं से खून से सना धारदार हथियार बरामद कर लिया। इसी हथियार से हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। एफएसएल और एमओबी टीम ने घटनास्थल और घर से कई अहम वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की मिनट-टू-मिनट कड़ी जोड़ रही है।
सुबह हादसा, शाम तक मर्डर मिस्ट्री
सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पहले यह चर्चा फैल गई थी कि स्कॉर्पियो में अचानक आग लगने से परिवार जिंदा जल गया। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इसे दर्दनाक सड़क हादसा बताया जा रहा था। कई मीडिया रिपोर्ट्स में शुरुआत में तकनीकी खराबी और शॉर्ट सर्किट की आशंका भी जताई गई थी। लेकिन कुछ ही घंटों में पुलिस की वैज्ञानिक जांच ने इस कहानी को पलट दिया और मामला सीधे सामूहिक हत्या तक पहुंच गया।
पूरे राजस्थान में मचा हड़कंप
फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनिता, उसकी बेटी सरिता और नाबालिग बेटे को हिरासत में लेकर हत्या, षड्यंत्र और सबूत मिटाने सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पूरे राजस्थान में इस हत्याकांड की चर्चा है क्योंकि जिस घटना को सुबह तक हादसा माना जा रहा था, शाम होते-होते वह प्रदेश के सबसे सनसनीखेज पारिवारिक मर्डर केस में बदल गई।
