Written by : Sanjay kumar
नई दिल्ली, 17 जनवरी 2026:
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नकली पाठ्यपुस्तकों की अवैध छपाई और आपूर्ति में संलिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा लगभग 45,000 नकली एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें जब्त की गई हैं। इसके साथ ही करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की अत्याधुनिक छपाई मशीनरी और सामग्री भी पुलिस ने कब्जे में ली है।
क्राइम ब्रांच के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा की गई इस कार्रवाई में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली और गाजियाबाद सहित कई राज्यों में सक्रिय था और शिक्षा व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली एवं गाजियाबाद में की गई विभिन्न छापेमारियों के दौरान कुल 44,862 नकली एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें बरामद की गईं।
अवैध छपाई इकाइयों पर छापेमारी
जांच के दौरान नकली पुस्तकों की छपाई में प्रयुक्त दो ऑफसेट प्रिंटिंग मशीनें, बड़ी मात्रा में पेपर रील, स्याही तथा एल्युमीनियम प्रिंटिंग प्लेटें जब्त की गईं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहदरा निवासी सुमित (35 वर्ष), प्रीत विहार निवासी विनोद जैन (65 वर्ष) और यमुना विहार निवासी कनिष्क (32 वर्ष) के रूप में हुई है।
गोदाम और प्रिंटिंग यूनिट से बड़ी बरामदगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी नकली एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के भंडारण, छपाई और वितरण के पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। यह कार्रवाई 10 नवंबर 2025 को प्राप्त एक विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर की गई, जिसमें दरियागंज स्थित एक गोदाम को नकली पुस्तकों के भंडारण और आपूर्ति केंद्र के रूप में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिली थी।
सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने एनसीईआरटी के कानूनी प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त रूप से गोदाम पर छापा मारते हुए 12,755 नकली पाठ्यपुस्तकें जब्त कीं। इसके पश्चात भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत क्राइम ब्रांच थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
आगे की कार्रवाई में शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के जावली गांव में स्थित एक अवैध छपाई इकाई पर छापा मारा गया, जहां से आरोपी सुमित को गिरफ्तार किया गया। रिस्टल रोड पुलिया के पास स्थित यह कारखाना नकली एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की छपाई का प्रमुख केंद्र बताया जा रहा है। यहां से 32,107 नकली पाठ्यपुस्तकें और छपाई में प्रयुक्त कच्चा माल भी बरामद किया गया।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा प्रणाली की पवित्रता बनाए रखने के लिए इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
