Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 28 जनवरी।
एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया में हो रही कथित अनियमितताओं को लेकर कोटा उत्तर-पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य न तो सरकारी कर्मचारियों को परेशान करना है और न ही प्रशासनिक कार्य में बाधा डालना, लेकिन यदि एसआईआर के दौरान किसी भी योग्य मतदाता का नाम हटाया गया या अपात्र व्यक्ति का नाम जोड़ा गया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कलेक्टर अथवा संभागीय आयुक्त कार्यालय पर महापड़ाव डालने को मजबूर होंगे।
नयापुरा स्थित कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक निकाले गए पैदल मार्च के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शामिल हुए। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए गुंजल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अब तक प्रशासनिक प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है, इसके बावजूद यदि लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ हुआ तो सरकार और प्रशासन को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की आड़ में एक सुनियोजित तरीके से कांग्रेस एवं गैर-भाजपा विचारधारा से जुड़े मतदाताओं के नाम काटने का प्रयास किया जा रहा है। गुंजल ने सवाल उठाया कि यदि जिन नामों को हटाया जा रहा है वे वास्तव में घुसपैठिए, रोहिंग्या या बांग्लादेशी हैं, तो सरकार यह बताए कि अब तक कितने ऐसे लोगों को देश से बाहर निकाला गया है।
गुंजल ने कहा कि केवल धार्मिक उन्माद फैलाकर सत्ता में बने रहने की राजनीति अब ज्यादा दिन नहीं चलेगी। जिन लोगों ने कभी मौजूदा नेतृत्व को सत्ता में पहुंचाया था, वही जनता अब उसकी नीतियों से त्रस्त होकर बदलाव का मन बना चुकी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार रहें।
ओम बिरला पर तीखा हमला
सभा के दौरान प्रहलाद गुंजल ने लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा सांसद ओम बिरला पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2014 में कोटा की जनता से किया गया हवाई सेवा शुरू करने का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ, इसके बावजूद 2019 और 2024 में चुनाव लड़े गए। वर्तमान में केवल एयरपोर्ट की चारदीवारी का कार्य शुरू होने भर से उत्साह दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविक हवाई सेवा अब भी दूर की कौड़ी है।
उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र और राज्य—दोनों जगह एक ही दल की सरकार है, तो फिर सांसद को यह कहने की जरूरत क्यों पड़ रही है कि यदि सरकार अस्पताल नहीं बनाएगी तो वे स्वयं बनवाएंगे। गुंजल ने चुनौती देते हुए कहा कि अगला चुनाव धार्मिक प्रतीकों के सहारे नहीं, बल्कि विकास कार्यों के आधार पर लड़ा जाए।
कोचिंग नगरी की बदहाली पर सवाल
गुंजल ने कोटा की पहचान बन चुकी कोचिंग नगरी की मौजूदा दुर्दशा को लेकर भी सरकार और सांसद से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि शहर का आम नागरिक जानना चाहता है कि कोटा को पुनः शिक्षा के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए आखिर क्या ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
जेके फैक्ट्री के मजदूरों के समर्थन का ऐलान
सभा में जेके फैक्ट्री के श्रमिकों का मुद्दा उठाते हुए गुंजल ने कहा कि पिछले एक वर्ष से मजदूर धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी आवाज पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मजदूरों के हक की लड़ाई में वे हर कदम पर उनके साथ खड़े रहेंगे।
अन्य नेताओं ने भी रखे विचार
पूर्व विधायक पूनम गोयल ने कहा कि एसआईआर के माध्यम से वोट के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कैथून क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि 18 हजार मतदाताओं में से करीब 3500 नामों पर आपत्तियां लगाई गई हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
प्रदेश खेल प्रकोष्ठ संयोजक आमीन पठान ने कहा कि कांग्रेस ने आज़ादी की लड़ाई लड़ी थी और अब वोट के अधिकार को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन विपिन बरथूनिया ने किया।
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
प्रदर्शन में युवा नेता ब्रजेश शर्मा नीटू, अशोक नागर, दीपक नामदेव, टीकमचंद सुमन, नसरुद्दीन, लोकेश गुंजल, राकेश राठौर, महेंद्र गुर्जर, इसरार अहमद, आसिफ मिर्जा, इंद्र कुमार जैन, विकास तंवर, बादशाह खान, आशु श्रंगी, धनराज चेची, सोनू भील, इरफान घोसी, कल्याण गुर्जर, अजयभान सिंह शक्तावत, विनोद शर्मा, हिरदेश सक्सेना, रहीम खान, राजीव आचार्य, प्रशांत सक्सेना, सत्यप्रकाश लोधा, ललित सरदार, हिमांशु शर्मा, राजकुमार बोयत, धर्मा गुर्जर, नीरज शर्मा, दिनेश गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
