Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 01 फरवरी।
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर विभिन्न सामाजिक, औद्योगिक, सहकारी एवं व्यावसायिक संगठनों ने इसे दूरदर्शी, संतुलित और जनहित को प्राथमिकता देने वाला बजट बताया है। संगठनों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह बजट एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है, जिसका प्रभाव राजस्थान सहित देशभर में आम नागरिकों से लेकर उद्योग, कृषि और सहकारिता क्षेत्र तक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।




आम नागरिक, कर्मचारी और सहकारिता को राहत
इण्डियन रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बजट 2026 में किए गए टैक्स और कानून संबंधी बदलावों का सीधा लाभ राजस्थान के आम नागरिकों, कर्मचारियों, व्यापारियों, किसानों एवं सहकारी संस्थाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से मोटर एक्सीडेंट पीड़ितों, छोटे करदाताओं, सरकारी एवं निजी कर्मचारियों तथा रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को इस बजट से बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने सहकारी समितियों को मिलने वाले डिविडेंड पर नई टैक्स व्यवस्था में दी गई छूट को स्वागतयोग्य बताया और कहा कि राजस्थान जैसे राज्य, जहां बड़ी आबादी मध्यम वर्ग, किसान और छोटे व्यापारी वर्ग की है, वहां इन निर्णयों का सकारात्मक असर जमीन पर दिखाई देगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय, रक्षा क्षेत्र में ₹7.8 लाख करोड़ का आवंटन, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, पर्यटन और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस जैसे कदम आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने बजट को वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करने वाला तथा दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती का आधार बताया।
समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की ओर ऐतिहासिक कदम
करेजियस कम्युनिटी फाउंडेशन के चेयरमैन एवं डीसीए के पूर्व सीईओ वी.के. जेटली ने बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि ₹12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय से इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कई मामलों में पेनल्टी को फीस में बदलने तथा छोटे टैक्स मामलों में जेल की सजा हटाकर केवल जुर्माने का प्रावधान किए जाने को प्रशासनिक सुधारों की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
कृषि, डेयरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने कहा कि बजट 2026 में सहकारी समितियों को भी बड़ी राहत दी गई है। कॉटन सीड और कैटल फीड की आपूर्ति पर टैक्स छूट तथा सहकारी समितियों को मिलने वाले डिविडेंड पर टैक्स में राहत से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, डेयरी, पशुपालन और कृषि सहकारिता को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने को प्राथमिकता दी गई है। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की योजना, स्मार्ट और टेक्नोलॉजी-आधारित खेती के लिए Bharat-VISTAAR की शुरुआत तथा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए SHE-Marts की स्थापना जैसे प्रावधान दूरगामी प्रभाव वाले हैं।
एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र को नई मजबूती
लघु उद्योग भारती, कोटा के अध्यक्ष अंकुर गुप्ता ने बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट एमएसएमई-केंद्रित सुधारों और वैश्विक क्षमता निर्माण के स्पष्ट दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि देशभर के 590 से अधिक जिलों में सक्रिय और 65 हजार से अधिक विनिर्माण एमएसएमई इकाइयों का प्रतिनिधित्व करने वाली लघु उद्योग भारती सरकार द्वारा संगठन की दीर्घकालिक मांगों को स्वीकार किए जाने पर आभार व्यक्त करती है।
उन्होंने कहा कि यह बजट ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज़ ऑफ कंप्लायंस, व्यापार की लागत में कमी और ‘एमएसएमई चैंपियंस’ के निर्माण पर केंद्रित है।
बजट में टीआरईडीएस को जीईएम पोर्टल से जोड़ने, परंपरागत औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार, लखपति महिला योजना तथा क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) के युक्तिकरण जैसे प्रावधानों को एमएसएमई क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया गया।
