Written by : Sanjay kumar
जयपुर /नवलगढ़, 3 फरवरी।
झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ स्थित नानसा गेट क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में करोड़ों रुपए के गोल्ड लोन घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक के स्ट्रांग रूम में रखे गोल्ड सेफ से करीब 4 किलो से अधिक वजन के सोने के आभूषण गायब पाए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 6.50 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।
मामले का खुलासा बैंक के वर्तमान वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश सिहाग के पदभार ग्रहण करने के बाद हुआ। उन्होंने 30 जनवरी को नवलगढ़ शाखा में कार्यभार संभाला था। नियमित प्रक्रिया के तहत जब गोल्ड लोन से जुड़े आभूषणों का भौतिक सत्यापन कराया गया, तो कई पैकेटों में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद नवलगढ़ थाने में विधिवत रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
जांच में सामने आया घोटाले का तरीका
प्रारंभिक जांच के अनुसार, ग्राहकों से गिरवी रखे गए सोने के आभूषण स्ट्रांग रूम की गोल्ड सेफ में सुरक्षित रखे गए थे। जांच के दौरान 73 पैकेटों में असली सोने के आभूषणों की जगह नकली आभूषण पाए गए, जबकि 3 पैकेटों में रखे आभूषणों का वजन कम निकला। बैंक की प्रारंभिक आंतरिक जांच में कुल 4198 ग्राम सोना कम पाया गया है। वास्तविक नुकसान की पुष्टि विस्तृत जांच और आकलन के बाद की जाएगी।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार (निवासी सीथल), बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट संतोष कुमार सैनी (निवासी बाजीवाली ढाणी, झाझड़) तथा उप प्रबंधक अनंतप्रकाश चौधरी (निवासी मुकुंदगढ़) के खिलाफ धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में नामजद प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चार्ज हस्तांतरण के दौरान खुला राज
बैंक की गोल्ड सेफ दो चाबियों से संचालित होती है, जिनकी संयुक्त अभिरक्षा तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार और उप प्रबंधक अनंतप्रकाश चौधरी के पास थी। 28 जनवरी को जब गोल्ड सेफ का चार्ज उप प्रबंधक सीमा महला को सौंपा जा रहा था, उसी दौरान सेफ की जांच में पैकेटों से छेड़छाड़ का मामला उजागर हुआ। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने तुरंत आंतरिक जांच के निर्देश दिए।
सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूत
जांच के दौरान शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में 21 जनवरी की शाम करीब 6:50 बजे तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट संतोष कुमार सैनी को स्वर्ण आभूषणों से भरा बॉक्स लेकर शाखा से बाहर जाते हुए देखा गया। इसके अगले दिन 22 जनवरी की शाम करीब 6:30 बजे दोनों को स्ट्रांग रूम में गोल्ड सेफ के पैकेटों के साथ छेड़छाड़ करते हुए भी फुटेज में देखा गया।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि संयुक्त अभिरक्षा के तहत उप प्रबंधक के पास मौजूद सेफ की एक चाबी वरिष्ठ शाखा प्रबंधक को सौंप दी गई थी।
फिलहाल पुलिस और बैंक प्रबंधन मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं। घोटाले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
