प्रधानमंत्री मोदी–मलेशिया के शीर्ष उद्योगपतियों की मुलाकात से निवेश, ऊर्जा और हाई‑टेक सहयोग को मिला नया आयाम

Written by : Sanjay kumar

भारत–मलेशिया आर्थिक रिश्तों को नई उड़ान

नई दिल्ली, 8 फरवरी। भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और स्थिर नीतिगत वातावरण ने एक बार फिर वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इसी कड़ी में रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मलेशिया के चार दिग्गज उद्योगपतियों ने मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय संवाद में भारत में बड़े पैमाने पर निवेश, दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी तथा उभरते तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को लेकर व्यापक और सकारात्मक चर्चा हुई। यह बैठक भारत–मलेशिया आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया की अग्रणी कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व से सीधे संवाद किया। प्रतिनिधिमंडल में पेट्रोनास के अध्यक्ष एवं समूह सीईओ तेंगकू मुहम्मद तौफिक, बर्जया कॉर्पोरेशन बरहाद के संस्थापक विंसेंट टैन ची यिउन, खजाना नेशनल बरहाद के प्रबंध निदेशक अमीरुल फैसल वान जाहिर तथा फाइसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक पुआ खिन सेंग शामिल रहे। बैठक के दौरान भारत में मौजूदा निवेश अवसरों, नियामक सुधारों और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी पर गहन विचार‑विमर्श किया गया।

ऊर्जा सुरक्षा और ग्रीन ट्रांजिशन पर विशेष जोर

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पेट्रोनास के साथ ऊर्जा सहयोग को और सुदृढ़ करने पर बल दिया। चर्चा का केंद्र नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ ईंधन, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, एलएनजी आपूर्ति शृंखला और डीकार्बोनाइजेशन समाधान रहे। पेट्रोनास पिछले तीन दशकों से भारत में सक्रिय है और एलएनजी, पेट्रोकेमिकल्स तथा हरित ऊर्जा समाधानों में उसकी मजबूत उपस्थिति रही है। दोनों पक्षों ने ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त निवेश परियोजनाओं के माध्यम से दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

निवेश‑अनुकूल भारत: सुधार, स्थिरता और अवसर

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के वर्षों में किए गए संरचनात्मक आर्थिक सुधारों, तेज़ होती बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को प्राथमिकता देने का उल्लेख किया। उन्होंने स्थिर, पारदर्शी और पूर्वानुमानित नीति ढांचे पर जोर देते हुए कहा कि इससे विदेशी निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ा है। प्रधानमंत्री ने मलेशियाई कंपनियों को इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), हेल्थकेयर, फिनटेक, मैन्युफैक्चरिंग और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

सेमीकंडक्टर और उभरती तकनीकों में सहयोग

फाइसन इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ बातचीत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, डिजाइन‑टू‑मैन्युफैक्चरिंग, स्किल डेवलपमेंट और सप्लाई‑चेन रेज़िलिएंस पर चर्चा हुई। भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ पहलों के तहत वैश्विक तकनीकी कंपनियों के लिए उपलब्ध अवसरों को रेखांकित किया गया।

भारतीय ग्रोथ स्टोरी पर वैश्विक भरोसा

मुलाकात के दौरान मलेशियाई उद्योगपतियों ने भारत सरकार द्वारा किए गए सुधारों की सराहना की और भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर मजबूत विश्वास जताया। उन्होंने भारत में अपने परिचालन का विस्तार करने, निवेश पोर्टफोलियो बढ़ाने और भारतीय कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम व रणनीतिक गठजोड़ की संभावनाएं तलाशने की इच्छा व्यक्त की।

द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति

यह संवाद भारत और मलेशिया के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति देने वाला माना जा रहा है। संकेत स्पष्ट हैं कि आने वाले समय में मलेशिया से भारत में बड़े निवेश देखने को मिल सकते हैं, जिससे रोजगार सृजन, तकनीक हस्तांतरण और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल भारत को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

Pramukh Samvad

ताजा खबरों को देखने के लिए प्रमुख संवाद से जुड़े

https://www.pramukhsamvad.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!