ईथॉस हॉस्पिटल में जटिल न्यूरो-इंटरवेंशन सफल, ‘गोल्डन आवर’ के बाद भी सफल उपचार

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 27 फरवरी। हाड़ौती अंचल में उन्नत न्यूरो-इंटरवेंशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए ईथॉस हॉस्पिटल में ब्रेन स्ट्रोक के 62 वर्षीय मरीज का अत्याधुनिक मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी तकनीक से सफल उपचार किया गया। ईथॉस हॉस्पिटल के अनुसार यह कोटा में इस तकनीक से किया गया पहला मामला है, जिसमें गोल्डन आवर के बाद गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीज को नई जिंदगी प्रदान की।

आपातकालीन स्थिति में भर्ती
वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आशीष पेमावत ने बताया कि 20 फरवरी 2026 को बंसीलाल मालव को अचानक शरीर के दाहिने हिस्से में कमजोरी और अचेत अवस्था में अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया। प्रारंभिक जांच में ब्रेन स्ट्रोक (Left MCA Territory Infarct) की पुष्टि हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती कर आवश्यक जांचें प्रारंभ की गईं।

अवरुद्ध धमनी की पहचान, प्रथम प्रयास में पूर्ण सफलता
वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आशीष पेमावत के नेतृत्व में सेरेब्रल एंजियोग्राफी के माध्यम से मस्तिष्क की अवरुद्ध धमनी (Left MCA M1) की सटीक पहचान की गई। इसके पश्चात अत्याधुनिक Mechanical Thrombectomy (ADAPT Technique) अपनाई गई।
प्रक्रिया के प्रथम प्रयास में ही सफल रीकैनालाइजेशन (mTICI 3) प्राप्त हुआ, जिससे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह पुनः सामान्य हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी शीघ्र और पूर्ण सफलता जटिल स्ट्रोक मामलों में दुर्लभ मानी जाती है।
विशेषज्ञ निगरानी और समुचित उपचार के पश्चात 24 फरवरी 2026 को मरीज को स्वस्थ अवस्था में छुट्टी दे दी गई। डा. पेमावत ने बताया कि गंभीर ब्रेन स्ट्रोक केस में गोल्डन आवर निकल जाने के बाद भी महज 4 दिन मरीज को स्वस्थ होना बडी उपलब्धि है।

आधुनिक न्यूरो-इंटरवेंशन सुविधा
अस्पताल के निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया कि ईथॉस हॉस्पिटल में आधुनिक न्यूरो-इंटरवेंशन तकनीक, अत्याधुनिक कैथलैब और अनुभवी चिकित्सकों की टीम के साथ 24×7 आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं। जिससे शहर के मरीजों को महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

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