Written by : प्रमुख संवाद
कोटा: 09 मार्च 2026
प्रदेश में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों से आमजन की सुरक्षा पर उत्पन्न हो रहे गंभीर संकट को लेकर कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा ने विधानसभा में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि हाल के समय में प्रदेश के कई शहरों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से छोटे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
विधानसभा में नियम 295 के तहत बोलते हुए विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश शहरों में आवारा कुत्तों की संख्या बेतहाशा बढ़ गई है। आज स्थिति यह है कि लगभग हर गली-मोहल्ले में कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं, जो आमजन के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। सुबह अखबार वितरण करने वाले हॉकर हों या देर रात भोजन पहुंचाने वाले फूड डिलीवरी कर्मी, ऐसे कई लोग आए दिन इन कुत्तों के हमलों और पीछा करने की घटनाओं का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में कोटा, झालावाड़, बांसवाड़ा, बीकानेर और अलवर सहित कई स्थानों पर मासूम बच्चों पर हुए जानलेवा हमलों की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक और हृदयविदारक हैं। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस समस्या के समाधान के लिए त्वरित, प्रभावी और जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई आवश्यक है।
विधायक संदीप शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्तमान बजट में आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए देश का पहला व्यापक फ्रेमवर्क तैयार किया है, जो एक सराहनीय पहल है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस फ्रेमवर्क को केवल कागजों तक सीमित न रखकर इसे तत्काल प्रभाव से धरातल पर लागू करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने प्रदेश में व्यापक स्तर पर आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से नसबंदी कार्यक्रम को तेज किया जाना चाहिए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों—विशेषकर स्कूलों, अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों—से आवारा कुत्तों को हटाकर उन्हें व्यवस्थित श्वानशालाओं में स्थानांतरित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विधायक शर्मा ने कहा कि इस गंभीर विषय पर माननीय उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों द्वारा भी चिंता व्यक्त की जा चुकी है। यह केवल पशु प्रबंधन का मुद्दा नहीं, बल्कि हमारे नौनिहालों की सुरक्षा और नागरिकों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करने का प्रश्न है।
उन्होंने सदन के माध्यम से राज्य सरकार से आग्रह किया कि प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिल सके।
