Written by : प्रमुख संवाद
झालावाड़, 7 जून। राजस्थान की झालावाड़ जिला पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और अमानवीय मामले में तत्परता दिखाते हुए, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग बच्चियों को देह व्यापार के दलदल में धकेलने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। झालावाड़ पुलिस ने मुंबई पुलिस के साथ मिलकर चलाए गए एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके चंगुल से 10 लड़कियों को सकुशल मुक्त कराया है, जिनमें 8 नाबालिग हैं।
अपराध का तरीका (Modus Operandi):
पुलिस जांच में सामने आया है कि झालावाड़, टोंक और बूंदी जिलों में सक्रिय दलाल बस्तियों के अत्यंत गरीब और लाचार परिवारों को निशाना बनाते थे। इन परिवारों को झांसा देकर उनकी 2 से 10 वर्ष तक की मासूम बच्चियों को मुंबई के डांस बारों में काम दिलाने के बहाने 25 से 35 लाख रुपये में खरीद लिया जाता था।
स्टांप पेपर पर ली जाती थीं डराने वाली शर्तें:
दलालों की क्रूरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे बच्चियों के माता-पिता की लाचारी का फायदा उठाकर उनसे ₹100 या ₹500 के स्टांप पेपर पर अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर ले लेते थे। इन अवैध दस्तावेजों में शर्तें बेहद खौफनाक थीं:
- पैसे की वसूली: यदि बच्ची दलाल या बार से भाग जाती है, तो परिवार को पूरा पैसा वापस लौटाना होगा।
- मौत पर समझौता: यदि बच्ची की मृत्यु या आत्महत्या हो जाती है, तो कर्ज तो माफ हो जाएगा, लेकिन परिवार पुलिस या अदालत में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकेगा।
इस तरह हुआ पुलिस का एक्शन:
झालावाड़ पुलिस अधीक्षक (SP) अमित बुढ़ानिया के निर्देशानुसार, बस्तियों से मिले इनपुट और परिजनों की संदिग्ध चुप्पी के बाद इस मामले की गहराई से जांच शुरू की गई। महिला अपराध अनुसंधान सेल के एडिशनल एसपी भागचंद के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
साइबर सेल और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ट्रेस करने के बाद, पुलिस की टीम मुंबई पहुंची। इसी दौरान मुंबई पुलिस द्वारा पूर्व में पीटा (PITA) एक्ट के तहत नारी निकेतन भेजी गईं बच्चियों का मिलान राजस्थान से लापता बच्चियों से हुआ। मुक्त कराई गई बच्चियों में 5 टोंक और 4 झालावाड़ की रहने वाली हैं।
आगामी कार्रवाई:
पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद उन स्टांप पेपर्स को जब्त कर लिया है, जिन पर परिजनों के अंगूठे के निशान हैं। पुलिस इन अमानवीय दस्तावेजों को कोर्ट में पुख्ता सबूत के तौर पर पेश करेगी। गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य दलालों और मुंबई के बार संचालकों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
“यह मानवता को शर्मसार करने वाला अपराध है। पुलिस ने न सिर्फ बच्चियों को सुरक्षित बचाया है, बल्कि अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी धाराएं सुनिश्चित की हैं ताकि उन्हें कड़ी सजा मिल सके।”
— अमित बुढ़ानिया, पुलिस अधीक्षक, झालावाड़
