Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 10 मार्च। तलवंडी क्षेत्र में चल रहे सीवरेज लाइन के कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है। क्षेत्र के निवासियों ने आरोप लगाया है कि सीवरेज कार्य में नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते न केवल पुरानी सीवरेज लाइन को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि बार-बार की खुदाई से क्षेत्र की सड़कों की स्थिति भी खराब हो रही है। इसी विवाद के बीच समाजसेवी दुष्यंत सिंह गहलोत पर कथित रूप से जानलेवा हमले की कोशिश का मामला सामने आया है, जिसकी पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद बताई जा रही है।
मोहल्ला निवासियों के अनुसार लगभग एक वर्ष पूर्व आरयूआईडीपी द्वारा इस क्षेत्र में सीवरेज लाइन डाली गई थी। आरोप है कि उसी लाइन के बिल्कुल समीप अब दोबारा नई सीवरेज लाइन डाली जा रही है, जिससे पहले से मौजूद लाइन को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। लगातार हो रही खुदाई के कारण सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे आमजन को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने इस मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद केडीए के अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भी यह स्वीकार किया कि नियमानुसार इस स्थान पर नई लाइन डालना उपयुक्त नहीं है, हालांकि आगे की लाइन से कनेक्शन नहीं मिलने के कारण कार्य को अस्थायी समाधान के रूप में किया जाना बताया गया।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-3 क्षेत्र में पहले यूआईटी द्वारा डाली गई सीवरेज लाइन तकनीकी रूप से सही तरीके से नहीं डाली जा सकी थी। उसी को दुरुस्त करने के उद्देश्य से दो सेक्टरों में पुनः खुदाई कर सुधार कार्य किया जा रहा है और तीसरे सेक्टर की दिशा में नई लाइन डाली जा रही है।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे कर्मचारी दीपक सेन और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि शिकायत किए जाने से नाराज होकर दीपक सेन ने लोगों के बीच जबरन घुसते हुए समाजसेवी दुष्यंत सिंह गहलोत पर पहले फावड़े से हमला करने की कोशिश की और बाद में डंडे से मारने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद मोहल्ला निवासियों ने तत्काल बीच-बचाव कर स्थिति को बिगड़ने से रोक लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया गया, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व पार्षद विवेक राजवंशी को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। बताया जा रहा है कि स्थिति को देखते हुए उन्होंने संबंधित व्यक्ति को कार्यस्थल से हटाकर वहां से जाने के लिए कहा, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि सीवरेज कार्य को पूरी तरह तकनीकी मानकों और नियमों के अनुसार कराया जाए, ताकि बार-बार की खुदाई से हो रही असुविधा और संभावित दुर्घटनाओं से क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। साथ ही लोगों ने यह भी मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और क्षेत्र में विकास कार्य पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ पूरे किए जा सकें।
