Written by : लेखराज शर्मा
बारां, 13 मार्च।
टी एस पी संघर्ष समिति किशनगंज – शाहाबाद के कार्यकर्ताओं द्वारा आज जिला कलेक्टर कार्यालय बारां पहुंचकर किशनगंज – शाहाबाद आदिवासी क्षेत्र को टीएसपी में शामिल करवाने हेतु ज्ञापन दिया गया। जिला कलेक्टर के अन्य कार्य में व्यस्त होने के कारण ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर बारां भंवरलाल जनागल को सौंपा गया । समिति के सदस्यों ने टीएसपी के समर्थन में नारे लगाए तथा अतिरिक्त जिला कलेक्टर महोदय को बताया की शाहाबाद – किशनगंज क्षेत्र में केवल सहरिया जनजाति ही नहीं अपितु भील और मीणा जनजाति भी काफी संख्या में निवास करती है सहरिया जनजाति को 25% आरक्षण राज्य सरकार द्वारा अलग से दिया जा रहा है जबकि भील और मीणा जनजाति के लिए ऐसा कोई प्रावधान सरकार के द्वारा नहीं किया गया है तथा अन्य जातियों के लोग जिसमें माली, धोबी, नाई ,मेहता, कुशवाहा, कलाल, हरिजन, खेरूआ भी निवास करते हैं जो आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टि से काफी पिछड़े हुए हैं लेकिन उन्हें किसी प्रकार का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन सभी जातियों के युवा जो पढ़े- लिखे हैं वे राज्य सरकार की भर्तियों में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं है जिसके कारण सरकारी नौकरियों में इनकी संख्या नगण्य है । अगर इस क्षेत्र को टी एस पी में शामिल किया जाता है तो सभी समाजों को इसका लाभ मिलेगा जिससे स्वास्थ्य , शिक्षा, सड़क, कृषि ,पेयजल आदि सुविधाएं इस क्षेत्र को मिलेंगी जिससे इस क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी तथा नौकरियों में नए अवसर यहां के युवा वर्ग के लिए पैदा होंगे क्योंकि किशनगंज- शाहाबाद आदिवासी क्षेत्र के नाम से पूरे देश में जाना जाता है लेकिन आदिवासी क्षेत्र का अन्य जातियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है ।
संघर्ष समिति के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से मांग की कि हमारे क्षेत्र को जल्द से जल्द टी एस पी में शामिल किया जाए जब तक शाहाबाद- किशनगंज क्षेत्र को टी एस पी में शामिल नहीं किया जाता है तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे और जरूरत पड़ी तो सर्व समाज का एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में संघर्ष समिति के अमर सिंह भील, जितेंद्र कुमार चौधरी , गलिया भील, कन्हैयालाल कुशवाहा, शंकर लाल ओझा, वीर सिंह , छगन सिंह,धनराज कुशवाहा, देवी सिंह कुशवाहा, करण सिंह , गुल सिंह, नेम सिंह एवं अन्य कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
