Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 19 मार्च। नव संवत्सर और राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार सायंकाल किशोर सागर स्थित बारादरी में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ने शहरवासियों को लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर कर दिया। जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत लोकगीतों की मधुर धुनों से हुई, जिसमें “केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारे देस”, “दमा दम मस्त कलंदर”, “निंबुड़ा-निंबुड़ा”, “प्यारो लागे राजस्थान” और “सागर पानी लेवा जाऊं सा” जैसे लोकप्रिय गीतों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। इन गीतों पर प्रस्तुत घूमर, चरी, बिंदौरी, सहरिया और भवई जैसे पारंपरिक नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लोक कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुतियों में भुटे खां, कुणाल गंधर्व, विनीता चौहान, लीला देवी, रूप सिंह चाचोडा, मीना देवी एवं महावीर सहित अन्य कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों का मन जीत लिया। राजस्थानी पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने वीरभूमि राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कृष्ण महारास की प्रस्तुति रही, जिसने पूरे वातावरण में आध्यात्मिकता और दिव्यता का संचार कर दिया। दर्शकों ने कलाकारों के हर प्रदर्शन पर तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया तथा इन यादगार पलों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।
इस अवसर पर गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती संज्ञा शर्मा द्वारा किया गया।
