Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 4 अप्रैल। बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan एक बार फिर कानूनी विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। कोटा की उपभोक्ता अदालत में चल रहे भ्रामक विज्ञापन और कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में अब उनकी पेशी तय हो गई है, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला एक पान मसाला विज्ञापन से जुड़ा हुआ है, जिसमें उत्पाद को “केसर युक्त” बताकर प्रचारित किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह दावा भ्रामक है और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला है। साथ ही, अदालत में पेश दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
इस मामले में पहले जिला उपभोक्ता न्यायालय ने Salman Khan को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ उन्होंने राज्य आयोग में अपील की थी, लेकिन आयोग ने राहत देने से इनकार कर दिया और निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा।
अब अदालत में अगली सुनवाई 9 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें Salman Khan की पेशी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद न केवल फिल्म जगत बल्कि उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े मामलों में भी इस केस को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
इस मामले में यह भी सामने आया है कि परिवाद वकील इंद्रमोहन सिंह हनी द्वारा दायर किया गया है, जिसमें “केसर युक्त पान मसाला” के दावे को भ्रामक बताते हुए उस पर रोक लगाने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत वकालतनामा और जवाब में किए गए हस्ताक्षरों में विसंगति पाए जाने पर अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए फॉरेंसिक जांच (FSL) के आदेश दिए हैं। साथ ही, अदालत ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने के लिए संबंधित पक्षों की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है, जिसके चलते अभिनेता Salman Khan की पेशी को अहम माना जा रहा है।
मानना है कि यह मामला सेलिब्रिटी द्वारा किए जाने वाले विज्ञापनों की विश्वसनीयता और जिम्मेदारी को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है। अब सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।
