एमएसपी पर गेहूं खरीद को लेकर प्रशासन सक्रिय: बिरला के सख्त निर्देश, नागर ने मंडी पहुंचकर व्यवस्थाएं परखी

Written by : प्रमुख संवाद


कोटा, 04 अप्रैल। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अधिकतम लाभ दिलाने और गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कोटा सर्किट हाउस में उच्चस्तरीय बैठक लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में बिरला ने बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूं की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए खरीद मानकों में आवश्यक छूट देने के लिए केंद्र सरकार से समन्वय करने को कहा। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी दिनों में इस संबंध में आदेश जारी होंगे, जिससे अधिक से अधिक किसानों की उपज एमएसपी पर खरीदी जा सकेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सोमवार से कोटा एवं बूंदी जिले के सभी क्रय केंद्र पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किए जाएं। किसानों को स्लॉट बुकिंग की स्पष्ट जानकारी दी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित लक्ष्य से दोगुनी खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

लॉजिस्टिक एवं भंडारण व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर देते हुए बिरला ने पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने, वेयरहाउस को अवकाश के दिनों में भी संचालित रखने तथा परिवहन के लिए रेलवे रैक की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए भामाशाह कृषि उपज मंडी में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके बाद ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भामाशाह कृषि उपज मंडी का दौरा कर गेहूं खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंडी में मौजूद किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को गेहूं तुलाई की प्रक्रिया में तेजी लाने, पर्याप्त बारदाना उपलब्ध रखने तथा खरीद क्षमता को दोगुना करने के निर्देश दिए।

कम गुणवत्ता वाले गेहूं के रिजेक्शन की शिकायतों पर उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित मानकों में आवश्यक शिथिलता के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किए जाएं, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

ऊर्जा मंत्री ने बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया को सरल और किसान हितैषी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि बुजुर्ग या असमर्थ किसानों के लिए परिवार के अन्य सदस्य के माध्यम से सत्यापन की सुविधा दी जाए।

साथ ही, भंडारण और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निजी एवं सरकारी वेयरहाउस के साथ समन्वय स्थापित करने और समय पर गेहूं उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रशासन के इन समन्वित प्रयासों से स्पष्ट है कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी उपज का अधिकतम हिस्सा एमएसपी पर खरीदा जा सके, इसके लिए हर स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

Pramukh Samvad

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