अक्षय तृतीया पर गूंजा परशुराम महोत्सव: ओम बिरला ने किया दिव्य अभिषेक, श्रद्धा से उमड़ा जनसैलाब

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 19 अप्रैल। वैशाख शुक्ल तृतीया अर्थात अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान परशुराम का प्राकट्य महोत्सव संभाग भर में अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के साथ मनाया गया। घर-घर में ब्राह्मण समाज द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान परशुराम के आदर्शों को स्मरण किया गया।

🔸 परशुराम वाटिका में हुआ भव्य धार्मिक आयोजन

प्रवक्ता रमेश चंद्र गौतम के अनुसार शोभायात्रा आयोजन समिति के संयोजक बाबा शैलेन्द्र भार्गव के नेतृत्व में प्रातः 8:30 बजे परशुराम वाटिका में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्वान पंडितों के सान्निध्य में भगवान परशुराम की प्रतिमा का मंत्रोच्चारण के साथ दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया गया। इसके बाद शंखध्वनि के बीच कतारबद्ध श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लिया तथा प्रसाद वितरण किया गया।

🔸 ओम बिरला ने किया अभिषेक, दिया प्रेरणादायक संदेश

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला उपस्थित रहे। उन्होंने मंत्रोच्चारण के साथ भगवान परशुराम की प्रतिमा का अभिषेक कर महाआरती में भाग लिया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम सत्य, साहस और धर्म की स्थापना के प्रतीक हैं। जब अन्याय और अत्याचार अपनी सीमा पार कर गए थे, तब उन्होंने अधर्म के विरुद्ध शस्त्र उठाकर न्याय की पुनः स्थापना की।

🔸 विधायक संदीप शर्मा ने बताया ज्ञान और वीरता का संगम

कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा ने की। उन्होंने सभी को परशुराम जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान परशुराम केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च कोटि के ज्ञानी ऋषि भी थे। वे विद्या, विवेक और साहस के प्रतीक हैं तथा चिरंजीवी गुरु के रूप में पूजनीय हैं।

🔸 गणमान्य अतिथियों और समाजजनों की रही व्यापक उपस्थिति

इस अवसर पर महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के पौत्र अमित आजाद सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रामस्वरूप शर्मा, राजेंद्र गौतम, अनिल तिवारी, रविंद्र त्यागी, प्रदीप दाधीच, ईश्वर शर्मा, धर्मेंद्र दीक्षित, किशन पाठक, विशाल शर्मा, अरुण भार्गव, आकाश भार्गव, डॉ. मनोज शर्मा, लोकपाल जगदीश शर्मा सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण बंधुओं ने भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।

🔸 धर्म, परंपरा और एकता का संदेश

पूरे आयोजन ने समाज में धर्म, परंपरा और एकता का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का आह्वान किया।

Pramukh Samvad

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