Written by : Sanjay kumar
नई दिल्ली, 4 जून 2026:
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने राजधानी की होटल एवं गेस्ट हाउस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें 12 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने जांच तेज कर दी है और कई अवैध रूप से संचालित हो रहे होटलों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अवैध संचालन और नियमों की अनदेखी के आरोप
जांच के दौरान होटल मालिक लवकेश बजाज से पूछताछ में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने बढ़ती कमाई के चलते होटल में कमरों की संख्या बढ़ाई, जबकि इसके लिए आवश्यक सुरक्षा और दमकल विभाग की अनापत्ति (NOC) प्राप्त नहीं की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने यह भी बताया कि वह स्वयं होटल के संचालन में सक्रिय रूप से शामिल नहीं रहता था और अधिकांश कार्य स्टाफ के भरोसे छोड़े गए थे। पूछताछ में सामने आया कथित बयान “दिल्ली में सब चलता है” अब जांच के केंद्र में है, जो सुरक्षा नियमों के प्रति लापरवाही और अनदेखी की मानसिकता को दर्शाता है।
भवन की स्थिति और लाइसेंसिंग पर सवाल
जानकारी के अनुसार, संबंधित इमारत लगभग तीन वर्ष पूर्व एक अन्य पक्ष से खरीदी गई थी। उस समय यह भवन जर्जर स्थिति में बताया गया था, जहां पहले एक व्यावसायिक दुकान संचालित होती थी। बाद में इसे होटल/गेस्ट हाउस के रूप में विकसित किया गया।
आरोपी ने यह दावा किया है कि उसके पास बीएनबी (Bed & Breakfast), टूरिस्ट और रेस्टोरेंट संचालन से संबंधित अनुमति थी, हालांकि पुलिस इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है।
हादसे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, होटल में केवल एक ही प्रवेश एवं निकास मार्ग था, जबकि खिड़कियां स्थायी रूप से बंद पाई गईं। मुख्य दरवाजे की संरचना भी आपात स्थिति में बाधा बनने के संकेत मिले हैं। इन सभी परिस्थितियों ने आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य को अत्यंत कठिन बना दिया।
मुख्यमंत्री स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए दक्षिण दिल्ली जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी की भूमिका और आगे की जांच
पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था और बाद में उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जा सकती है ताकि पूरे नेटवर्क, लाइसेंसिंग प्रक्रिया और जिम्मेदारियों की गहराई से जांच की जा सके।
