कोटा सिटी मॉल में भीषण आग: कपड़ों के शोरूम से उठी लपटों ने मचाया हड़कंप

Sanjay kumar, 29 April

Kota Fire News: झालावाड़ रोड स्थित City Mall Kota में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मॉल के एक कपड़ों के शोरूम में अचानक भीषण आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे परिसर में घना धुआं फैल गया, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए।

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आग इतनी तेजी से फैली कि शोरूम से उठती ऊंची लपटें दूर से ही दिखाई देने लगीं। मॉल में मौजूद ग्राहक और कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अचानक हुए इस हादसे से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण दमकल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एहतियात के तौर पर मॉल और आसपास के इलाके को खाली कराया गया, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।

इसी बीच पुलिस प्रशासन ने भी तत्काल मोर्चा संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।

🔎 फायर सेफ्टी मानकों पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद मॉल में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक स्तर पर यह सामने आ रहा है कि आग पर नियंत्रण पाने में देरी और उसके तेजी से फैलने के पीछे सुरक्षा मानकों में संभावित लापरवाही एक बड़ा कारण हो सकती है। फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, अलार्म सिस्टम और स्प्रिंकलर जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति को लेकर भी जांच की जा रही है।

प्रशासन और दमकल विभाग अब यह जांच कर रहे हैं कि मॉल प्रबंधन द्वारा निर्धारित फायर सेफ्टी मानकों का सही तरीके से पालन किया जा रहा था या नहीं। यदि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

⚠️ शहर की अन्य इमारतों पर भी मंडरा रहा खतरा

यह हादसा केवल एक मॉल तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि शहर की कई अन्य व्यावसायिक और बहुमंजिला इमारतें भी ऐसे ही हादसों को मानो खुला निमंत्रण दे रही हैं। फायर सेफ्टी उपकरणों की अनदेखी, बंद या अव्यवस्थित इमरजेंसी एग्जिट और नियमित निरीक्षण की कमी जैसे गंभीर मुद्दे लंबे समय से नजरअंदाज किए जा रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन केवल कागजों में ही औपचारिकताएं पूरी कर रहा है? जमीनी स्तर पर सख्ती से सेफ्टी नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा, जिससे आमजन की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे सामने आ सकते हैं।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। इस हादसे में हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और संबंधित विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हैं।

यह घटना एक बार फिर बड़े व्यावसायिक परिसरों में सुरक्षा व्यवस्थाओं और फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है।

Pramukh Samvad

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