Written by : प्रमुख संवाद
बारां, 30 मई। जिले में संचालित एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में अवकाश घोषित किए जाने का मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। जिला कलेक्टर द्वारा गर्मी के मद्देनजर चिकित्सा विभाग सहित आवश्यक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इसी बीच एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के नर्सिंग अधीक्षक द्वारा 25 से 30 मई तक का अवकाश घोषित कर 84 प्रशिक्षु छात्राओं को घर भेज दिया गया।
गजनपुरा स्थित एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की कुल 84 छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। नर्सिंग अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में भीषण गर्मी, हीट वेव और बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित होने को अवकाश का कारण बताया गया है। आदेश के अनुसार छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर सवाल खड़े हो गए हैं। कार्यवाहक सीएमएचओ ने प्रारंभिक तौर पर नियमों की जानकारी नहीं होने की बात कही, जबकि अतिरिक्त जिला कलक्टर भंवरलाल जनागल ने स्पष्ट किया है कि सीएमएचओ से रिपोर्ट लेकर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि अवकाश आदेश किस नियम और किस स्तर की अनुमति से जारी किया गया।
उधर नर्सिंग अधीक्षक का कहना है कि छात्राओं ने भीषण गर्मी के कारण अवकाश की मांग की थी। हालांकि अवकाश आवेदन पत्र में एक जैसी चार अलग-अलग हैंडराइटिंग में 46 छात्राओं के नाम से हस्ताक्षर पाए जाने की चर्चा भी सामने आई है। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
