Written by : प्रमुख संवाद
मेट्रो शहरों जैसी अत्याधुनिक सुविधा अब कोटा में, मरीज को मिला सटीक और आधुनिक उपचार
कोटा, 30 मई। शहर की चिकित्सा सेवाओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। भारत विकास परिषद अस्पताल में पहली बार अत्याधुनिक VELYS इंटरएक्टिव रोबोटिक तकनीक की सहायता से सफल घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) सर्जरी की गई। इस उपलब्धि के साथ कोटा उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है, जहां मरीजों को मेट्रो सिटी स्तर की रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

वरिष्ठ जोड़ एवं घुटना प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. विश्वास शर्मा के नेतृत्व में संपन्न इस सर्जरी ने गंभीर घुटना गठिया से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद जगाई है। लंबे समय से घुटनों के दर्द, जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी का सामना कर रहे मरीज का ऑपरेशन रोबोटिक तकनीक की मदद से सफलतापूर्वक किया गया, जिसके बाद स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार देखा जा रहा है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि VELYS रोबोटिक सिस्टम सर्जरी के दौरान वास्तविक समय (रियल-टाइम) में सर्जन को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराता है, जिससे कृत्रिम घुटने की सटीक फिटिंग और बेहतर संतुलन सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक सर्जन का विकल्प नहीं, बल्कि उनकी क्षमता को और अधिक सटीक बनाने वाला आधुनिक सहयोगी उपकरण है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक मरीज की हड्डियों की स्थिति, उम्र, घुटने की विकृति और जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत उपचार योजना बनाई जाती है। इससे मरीज को बेहतर परिणाम मिलने के साथ-साथ लंबे समय तक घुटने की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिलती है।
अस्पताल के संरक्षक श्याम शर्मा ने इसे कोटा के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक के माध्यम से मरीजों को अब बड़े महानगरों जैसी चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
वहीं अस्पताल अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने बताया कि भारत विकास परिषद अस्पताल और बीवीआईएमएस भविष्य में अन्य जटिल सर्जरी एवं चिकित्सा प्रक्रियाओं में भी रोबोटिक तकनीक को शामिल करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, ताकि हाड़ौती क्षेत्र के लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
यह उपलब्धि न केवल कोटा की चिकित्सा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर है, बल्कि घुटनों की गंभीर समस्या से पीड़ित मरीजों के लिए आधुनिक, सुरक्षित और अधिक सटीक उपचार का नया विकल्प भी बनकर उभरी है।
