Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 10 जून।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर बुधवार को सांगोद और सिमलिया क्षेत्र के एकदिवसीय सघन दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का धरातलीय निरीक्षण किया, आमजन से संवाद किया और अधिकारियों को मानसून से पहले सभी जनहित के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे करने के कड़े निर्देश दिए।
दौरे के प्रथम चरण में ऊर्जा मंत्री सांगोद के सुप्रसिद्ध ‘गणेश कुंज’ मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती की। यह धार्मिक अनुष्ठान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। मंत्री नागर ने ईश्वर से प्रधानमंत्री की दीर्घायु और देश-प्रदेश की समृद्धि की मंगलकामना की। इसके पश्चात, क्षेत्र में स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए उन्होंने स्वयं फावड़ा-तगारी उठाकर श्रमदान किया और अधिकारियों को पूरे क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त और सुंदर बनाने के निर्देश दिए। सांगोद आवास पर जनसुनवाई करते हुए उन्होंने मौके पर ही जनसमस्याओं के निस्तारण के आदेश दिए।
जीएसएस का औचक निरीक्षण और सख्त हिदायत
विनोद खुर्द दौरे के दौरान ऊर्जा मंत्री ने बिजली विभाग के जीएसएस का औचक निरीक्षण किया। परिसर में नवनिर्मित सीसी ब्लॉक के बीच उगी घास को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और एक्सईएन को भविष्य में प्लास्टिक शीट बिछाने जैसे तकनीकी ट्रीटमेंट करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि क्षेत्र में कहीं भी ढीले तार या तिरछे पोल नजर नहीं आने चाहिए, अन्यथा तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सिमलिया बनेगा ‘मॉडल टाउन’, बाढ़ से मिलेगी मुक्ति
सिमलिया दौरे के दौरान ऊर्जा मंत्री ने कस्बे को ‘मॉडल टाउन’ के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने यहाँ 48 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे डायवर्जन चैनल के निर्माण की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को श्रमिकों के दैनिक टारगेट तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी मानसून की पहली बारिश से पहले ड्रेनेज का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा हो ताकि जनता को जलभराव से मुक्ति मिले।
परिवहन, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास की बड़ी घोषणाएं
कस्बे की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए ऊर्जा मंत्री नागर ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सिमलिया के सराय चौक से कोटा के बीच नई इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलाई जाएंगी, जो प्रतिदिन 10 चक्कर लगाएंगी। मुख्य बाजार में हाईवे से हाईवे तक सड़क के दोनों ओर शानदार रोड लाइटें लगाई जाएंगी और नालियों को पक्का कर कवर किया जाएगा। सीएडी कॉलोनी में नई सीएचसी का निर्माण गति पर है। पुरानी पीएचसी के स्थान पर एक आधुनिक सामुदायिक भवन, शेड और गार्डन उन्होंने बताया कि क्षेत्र को ‘इंडस्ट्री हब’ बनाने के उद्देश्य से डाहरा में 400 केवी जीएसएस स्वीकृत कराया गया है। साथ ही सिमलिया में सहायक अभियंता कार्यालय खोलने के प्रयास जारी हैं और तत्काल प्रभाव से एक नई एफआरटी गाड़ी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
दौरे के अंत में सिमलिया थाने में ‘जन चौपाल’ का आयोजन कर स्थानीय नागरिकों से सीधे सुझाव लिए गए और तालाब के सौंदर्यीकरण हेतु जल संसाधन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
