Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 19 जून।
पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर मंडल की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की 23वीं बैठक 25 जून को महाप्रबंधक कार्यालय के “मनन” सभाकक्ष में आयोजित होगी। बैठक में समिति सदस्य आशीष मेहता पश्चिम मध्य रेलवे क्षेत्र के यात्रियों, व्यापारियों और आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। इसके लिए उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर 37 बिंदुओं का विस्तृत सुझाव पत्र महाप्रबंधक को भेज दिया है, जिसमें रेल सेवाओं के विस्तार, यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और अधोसंरचना विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
कोटा जंक्शन के विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग
आशीष मेहता ने कोटा जंक्शन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने की मांग की है। उन्होंने मानसून के दौरान स्टेशन परिसर में बिखरी निर्माण सामग्री से यात्रियों को होने वाली संभावित असुविधाओं एवं दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है।
यात्री सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर जोर
प्रस्ताव पत्र में कोटा जंक्शन सहित प्रमुख स्टेशनों पर हवाई अड्डों की तर्ज पर लगेज ट्रॉली सुविधा उपलब्ध कराने तथा बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और मरीजों के लिए इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट सेवा शुरू करने की मांग की गई है। इसके अलावा रेलवे अंडरपास में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान तथा रेलवे ट्रैक पर मवेशियों की दुर्घटनाएं रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में फेंसिंग कराने का सुझाव भी दिया गया है।
नई ट्रेनों और कोच विस्तार के प्रस्ताव
यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए आगरा-कोटा पैसेंजर ट्रेन में थर्ड एसी कोच जोड़ने, कोटा-दिल्ली मार्ग पर सुबह के समय नई मेमू सेवा शुरू करने तथा कोटा-रतलाम के बीच शाम के समय नई इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही कोटा से बेंगलुरु के लिए त्रि-साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन, मथुरा एवं चित्तौड़गढ़ के लिए नई इंटरसिटी सेवा शुरू करने की मांग भी की गई है।
बंद ट्रेनों की बहाली और समय सुधार की मांग
आशीष मेहता ने जयपुर-मैसूर एक्सप्रेस के संचालन समय में कमी करने, कोटा-सिरसा एक्सप्रेस का इंदौर तक विस्तार करने तथा कोरोना काल में बंद हुई मुंबई-फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस सहित अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों को पुनः शुरू करने की मांग उठाई है। वहीं उदयपुर-आगरा वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा को बंद किए जाने की समीक्षा तथा इसके किराए पर पुनर्विचार का विषय भी बैठक में प्रमुखता से रखा जाएगा।
स्पेशल ट्रेनों की सूचना व्यवस्था सुधारने का सुझाव
उन्होंने रेलवे की सूचना प्रणाली को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि त्योहारों एवं विशेष अवसरों पर चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग कम से कम 7 से 10 दिन पहले शुरू की जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को समय पर जानकारी मिल सके और रेलवे को भी बेहतर राजस्व प्राप्त हो।
कैटरिंग और पार्किंग व्यवस्था पर उठेंगे सवाल
प्रस्ताव पत्र में स्टेशनों पर पार्किंग ठेकेदारों की मनमानी रोकने, कैटरिंग सेवाओं में पारदर्शिता लाने, सभी विक्रेताओं द्वारा अनिवार्य रूप से बिल जारी करने तथा रेल नीर के स्थान पर अन्य ब्रांड बेचने पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई है। उन्होंने ‘नो बिल, नो पेमेंट’ व्यवस्था को सख्ती से लागू करने पर भी जोर दिया है।
छोटे स्टेशनों और विद्यार्थियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
भीषण गर्मी के दौरान छोटे स्टेशनों पर वाटर कूलर, शेड और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी बैठक में उठाया जाएगा। कोटा को देश के प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में देखते हुए यहां आने वाले विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सुविधा के लिए प्रीपेड टैक्सी बूथ स्थापित करने की मांग की गई है।
रियायत बहाली और पर्यावरण संरक्षण की पैरवी
आशीष मेहता ने वरिष्ठ नागरिकों एवं पत्रकारों को पूर्व में मिलने वाली रेल किराया रियायत पुनः शुरू करने की मांग दोहराई है। साथ ही रेलवे परिसरों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने का सुझाव भी रेलवे प्रशासन को दिया गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी ZRUCC बैठक में उठाए जाने वाले ये सुझाव यात्रियों की सुविधाओं में सुधार, रेल सेवाओं के विस्तार तथा पश्चिम मध्य रेलवे के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
