Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 20 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर जीओ गीता परिवार, कोटा महानगर द्वारा श्रीनाथपुरम में “योग सेवा सम्मान समारोह” आयोजित किया गया। परमपूज्य गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम में योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 25 योग साधकों, प्रशिक्षकों एवं समाजसेवियों को “योग सेवा सम्मान” से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.एल. वर्मा ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का आधार कहा। अध्यक्षता करते हुए मेडिकल कॉलेज कोटा के प्राचार्य डॉ. निलेश जैन ने योग को स्वस्थ जीवनशैली का मूल मंत्र बताया। विशिष्ट अतिथि डॉ. नित्यानंद शर्मा ने योग और आयुर्वेद के समन्वय को निरोग जीवन की कुंजी बताया।
जीओ गीता परिवार के राजस्थान संयोजक किशन पाठक एवं मुख्य संरक्षक पंकज मेहता ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है। उन्होंने योग सेवियों के योगदान को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
सम्मानित प्रतिभाओं को शॉल, उपरना एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. श्वेता शर्मा ने किया। इस अवसर पर अतिथियों को स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज की रचित “गीता प्रेरणा” पुस्तक भी भेंट की गई।
अंत में कोटा महानगर अध्यक्ष चंद्रकांत खंडेलवाल ने आभार व्यक्त करते हुए योग एवं गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में जीओ गीता परिवार के पदाधिकारी, योग साधक एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
