Written by : Sanjay kumar
22.80 लाख अभ्यर्थियों के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा कवच, 551 शहरों में हुई परीक्षा, पारदर्शिता और विश्वसनीयता की बनी नई मिसाल
नई दिल्ली, 21 जून 2026
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा शनिवार को देशभर में शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गई। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस पुनर्परीक्षा में भारत एवं विदेशों से कुल 22,80,054 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा देश के 551 शहरों तथा विदेशों के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई।
पिछले वर्षों में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के आरोपों के बाद इस बार केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, राज्य सरकारों, सुरक्षा एजेंसियों और एनटीए ने मिलकर ऐसी बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की, जिसे अब तक की सबसे सशक्त परीक्षा सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक माना जा रहा है।
परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक ऑफलाइन (पेन-पेपर) मोड में आयोजित की गई। परीक्षा से पहले सभी केंद्रों पर मॉक ड्रिल कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक कमी की संभावना समाप्त की जा सके।
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों की सुविधा को दी प्राथमिकता
NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की भी व्यापक चर्चा रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री दोपहर में दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद कुछ समय वहीं रुके रहे और अपने काफिले की आवाजाही को विलंबित किया। चूंकि उसी समय बड़ी संख्या में परीक्षार्थी और अभिभावक परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे, इसलिए संभावित ट्रैफिक बाधा से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया। इस पहल को विद्यार्थियों के हितों के प्रति संवेदनशीलता और परीक्षा के सुचारु संचालन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में देखा गया।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था ने खींचा ध्यान
परीक्षा केंद्रों पर नकल, पेपर लीक और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से धोखाधड़ी रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए। देशभर के 95 हजार से अधिक परीक्षा कक्षों में 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर के कंट्रोल रूम से की गई।
इसके अलावा 6,700 से अधिक ऑब्जर्वर, 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और 48,448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों की तैनाती की गई। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन, बायोमेट्रिक जांच और सघन तलाशी की प्रक्रिया अपनाई गई।
एयरफोर्स और सुरक्षा एजेंसियों ने संभाली जिम्मेदारी
प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस बार भारतीय वायुसेना सहित विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग लिया गया। प्रश्नपत्रों की छपाई, पैकिंग, भंडारण और वितरण की पूरी प्रक्रिया को अत्यधिक गोपनीय रखा गया। प्रश्नपत्रों को सीलबंद सुरक्षा व्यवस्था के साथ निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया तथा हर चरण की निगरानी की गई।
साइबर निगरानी और सोशल मीडिया पर भी सख्ती
परीक्षा के दौरान अफवाहों, फर्जी प्रश्नपत्रों और भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के लिए साइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय रहीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की विशेष निगरानी की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था बनाई गई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी कड़ी नजर रखी गई।
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विशेष प्रयास
परीक्षा दिवस पर विद्यार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाने के लिए कई शहरों में विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू किया गया। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विद्यार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सूत्रों के अनुसार, दोपहर 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने तत्काल अपने आवास के लिए रवाना होने के बजाय कुछ समय एयरपोर्ट पर ही प्रतीक्षा की। उस समय बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे। प्रधानमंत्री के काफिले के कारण संभावित यातायात बाधा से विद्यार्थियों को बचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया, जिसकी व्यापक चर्चा रही।
अजमेर में बुर्के को लेकर विवाद
परीक्षा के दौरान राजस्थान के अजमेर स्थित सावित्री स्कूल परीक्षा केंद्र पर ब्यावर से आई अभ्यर्थी कुलसुम को बुर्का पहनकर प्रवेश को लेकर विवाद का सामना करना पड़ा। केंद्र पर सुरक्षा नियमों के तहत उन्हें रोका गया, जिसके बाद कुछ समय तक बहस और हंगामे की स्थिति बनी रही। छात्रा का कहना था कि बुर्का उसकी पहचान और धार्मिक आस्था का हिस्सा है, जबकि प्रशासन ने परीक्षा नियमों के अनुसार प्रक्रिया का पालन करने की बात कही। बाद में पुलिस और अधिकारियों द्वारा समझाइश का प्रयास किया गया। यह घटना दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।
परीक्षा के बाद विद्यार्थियों ने दिए सकारात्मक संकेत
शाम 5:15 बजे परीक्षा समाप्त होने के बाद देशभर के परीक्षा केंद्रों से विद्यार्थी बाहर निकले। जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न राज्यों के अभ्यर्थियों ने परीक्षा को सामान्य और व्यवस्थित बताया। कई विद्यार्थियों ने कहा कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के प्रश्न अपेक्षाकृत संतुलित थे, जबकि फिजिक्स खंड कुछ कठिन महसूस हुआ। अधिकांश परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया।
देशभर में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई परीक्षा
एनटीए और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के चलते 551 शहरों के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। कहीं से भी किसी बड़े व्यवधान, पेपर लीक या व्यापक अव्यवस्था की सूचना सामने नहीं आई। परीक्षा के सफल आयोजन ने यह संदेश दिया कि मजबूत तकनीकी निगरानी, प्रशासनिक सतर्कता और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से देश की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ सम्पन्न कराया जा सकता है।
NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा का सफल आयोजन लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों के विश्वास को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह परीक्षा न केवल एक चयन प्रक्रिया रही, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता को सुदृढ़ करने का एक बड़ा उदाहरण भी बनकर उभरी है।
