Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 19 जनवरी। कोटा ग्रामीण पुलिस की मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने विशेष अभियान “ऑपरेशन त्रिनेत्र” के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए थाना चेचट क्षेत्र से 10 माह से लापता नाबालिग बालिका को गुजरात के सुरत जिले के कडोदरा औद्योगिक क्षेत्र से सकुशल दस्तयाब किया है। बालिका की बरामदगी पर ₹50,000 का इनाम घोषित था।
पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर ने बताया कि अपहृत/लापता नाबालिगों की त्वरित बरामदगी के लिए जिले में लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अपराध अनुसंधान धनफूल मीणा के सुपरविजन तथा मानव तस्करी विरोधी यूनिट प्रभारी बबीता चौधरी (उ.नि.) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
लगातार 10 माह तक बालिका का सुराग नहीं मिलने के कारण यह प्रकरण अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। टीम द्वारा राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात सहित विभिन्न राज्यों में तकनीकी अनुसंधान, मुखबिर तंत्र और जमीनी स्तर पर पतारसी की गई। प्राप्त सूचना के आधार पर बालिका के सुरत के कडोदरा क्षेत्र में होने की पुष्टि हुई।
औद्योगिक क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने सेंट्रल लेबर डिपार्टमेंट के अधिकारी/कर्मचारी बनकर फैक्ट्रियों में श्रमिक सत्यापन अभियान चलाया। इसी दौरान एक फैक्ट्री में कार्यरत बालिका की पहचान की गई। नाम व हुलिए की पुष्टि के बाद बालिका को सुरक्षित रूप से दस्तयाब किया गया।
बरामद नाबालिग बालिका से प्रकरण के संबंध में आवश्यक पूछताछ की जा रही है तथा अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है। कोटा ग्रामीण पुलिस की यह कार्रवाई मानव तस्करी के विरुद्ध सख्त और प्रभावी संदेश देती है।
