कोटा विश्वविद्यालय में शैक्षणिक उत्सव का द्विदिवसीय आयोजन, 22 जनवरी को राष्ट्रीय सिंधी संगोष्ठी, 23 जनवरी को 12वां दीक्षांत समारोह

Written by : प्रमुख संवाद

80,117 विद्यार्थियों को उपाधियां, 59 मेधावियों को स्वर्ण पदक, 81 को पीएच.डी.

कोटा, 20 जनवरी 2026।
कोटा विश्वविद्यालय, कोटा में जनवरी 2026 में शैक्षणिक, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भव्य आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा 22 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय सिंधी संगोष्ठी तथा 23 जनवरी 2026 को 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। दोनों ही कार्यक्रम विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता, शोधपरक दृष्टिकोण एवं समावेशी शिक्षा प्रणाली को प्रतिबिंबित करते हैं।

22 जनवरी को राष्ट्रीय सिंधी संगोष्ठी

कोटा विश्वविद्यालय की सिंधु अध्ययन शोधपीठ के तत्वावधान में राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद (NCPSL), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से 22 जनवरी 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय सिंधी संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।

संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े तथा विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित विद्वान, शिक्षाविद्, शोधार्थी एवं अध्येता सहभागिता करेंगे।

संगोष्ठी के अंतर्गत दो तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. रवि टेकचंदानी, एनसीपीएसएल बोर्ड के प्रतिनिधि मनीष देवनानी सहित अन्य विशेषज्ञ वक्ता अपने शोधपरक विचार प्रस्तुत करेंगे। संगोष्ठी का समापन सायं 5 बजे किया जाएगा।

23 जनवरी को 12वां दीक्षांत समारोह

कोटा विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह 23 जनवरी 2026 को कृषि प्रबंध संस्थान स्थित ऑडिटोरियम, नयापुरा में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता राजस्थान के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति करेंगे।

इस अवसर पर वर्ष 2023 की परीक्षाओं में उत्तीर्ण कुल 80,117 विद्यार्थियों को यूजी, पीजी एवं पीएच.डी. की उपाधियां प्रदान की जाएंगी। कुल उपाधि धारकों में 41,644 छात्राएं (52 प्रतिशत) एवं 38,473 छात्र शामिल हैं, जो विश्वविद्यालय में छात्राओं की सशक्त एवं प्रभावी शैक्षणिक भागीदारी को दर्शाता है।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि दीक्षांत समारोह कोटा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अकादमिक क्षमता एवं समावेशी शिक्षा नीति का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने कहा कि 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान किया जाना विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति एवं विश्वास का प्रतीक है।

स्वर्ण पदक एवं विशेष सम्मान

दीक्षांत समारोह में वर्ष 2023 में विभिन्न संकायों में मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 59 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 17 छात्र एवं 42 छात्राएं शामिल हैं।

संकायवार स्वर्ण पदक वितरण इस प्रकार रहेगा—
कला (10), समाज विज्ञान (12), विज्ञान (17), वाणिज्य (9), विधि (2) एवं शिक्षा (9)।

इसके अतिरिक्त, कला संकाय की पीजी विद्यार्थी वैशाली अग्रवाल को कुलाधिपति पदक तथा वाणिज्य संकाय के यूजी विद्यार्थी दीपांश को कुलपति पदक प्रदान किया जाएगा।

81 शोधार्थियों को पीएच.डी. उपाधि

रजिस्ट्रार राजपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 के लिए 81 शोधार्थियों को पीएच.डी. उपाधि प्रदान की जाएगी, जिनमें 44 छात्र एवं 37 छात्राएं सम्मिलित हैं। संकायवार पीएच.डी. वितरण में विज्ञान (28), कला (24), समाज विज्ञान (21), वाणिज्य (6), विधि (1) एवं शिक्षा (1) संकाय शामिल हैं।

उपाधियों का संकायवार विवरण

कला संकाय से 51,023, शिक्षा से 11,444, समाज विज्ञान से 7,324, विज्ञान से 6,906, वाणिज्य से 3,313 तथा विधि संकाय से 107 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी।

रजिस्ट्रार ने बताया कि राज्यपाल के आगमन, शोभायात्रा मार्ग, मंच व्यवस्था, सुरक्षा, प्रोटोकॉल, अतिथियों के स्वागत एवं उपाधि व पदक वितरण से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण विश्वविद्यालय की वेबसाइट, फेसबुक एवं यूट्यूब चैनल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे देशभर के विद्यार्थी एवं अभिभावक इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन सकेंगे।

इस अवसर पर रजिस्ट्रार राजपाल सिंह, वित्त अधिकारी भगवान कर्मचंदानी, प्रो. नीलू चौहान, प्रो. अनुकृति शर्मा, प्रो. घनश्याम शर्मा एवं सीई डॉ. प्रवीण भार्गव उपस्थित रहे।

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