Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 20 जनवरी। राजस्थान में सरकारी भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता को झकझोर देने वाला एक बड़ा और सुनियोजित फर्जीवाड़ा सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी), राजस्थान ने वर्ष 2018 की तीन प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में व्यापक स्तर पर की गई धांधली का खुलासा करते हुए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के टेक्निकल प्रमुख सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एसओजी, राजस्थान श्री विशाल बंसल ने बताया कि सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता) सीधी भर्ती परीक्षा-2018, प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा-2018 एवं कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा-2018 के परीक्षा परिणामों को जानबूझकर, सुनियोजित और आपराधिक षड्यंत्र के तहत दूषित किया गया।
9.40 लाख से अधिक अभ्यर्थी, 3212 पद
इन तीनों भर्ती परीक्षाओं के माध्यम से कुल 3212 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित थी, जिनके लिए लगभग 9,40,038 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इन परीक्षाओं का आयोजन वर्ष 2019 में किया गया था। परीक्षा परिणाम तैयार करने हेतु ओएमआर शीट्स की स्कैनिंग एवं डेटा प्रोसेसिंग का अत्यंत गोपनीय कार्य एक आउटसोर्स एजेंसी राभव लिमिटेड, नई दिल्ली को सौंपा गया था।
जांच में उजागर हुआ संगठित षड्यंत्र
एसओजी की गहन जांच में सामने आया कि आउटसोर्स फर्म के कुछ कर्मचारियों ने ओएमआर शीट्स की स्कैनिंग के उपरांत कंप्यूटर सिस्टम में संग्रहित वास्तविक परीक्षा डेटा से छेड़छाड़ की। चयनित अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अंकों में कूट-रचना के माध्यम से अनुचित वृद्धि की गई, जिससे अयोग्य अभ्यर्थियों को पात्रता सूची में शामिल कराया गया।
फोटोशॉप के जरिए अंकों में हेरफेर
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि आरोपियों द्वारा ओएमआर शीट्स की स्कैन कॉपी में फोटोशॉप जैसे सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सही उत्तर जोड़े गए। इसके परिणामस्वरूप वास्तविक अंकों की तुलना में कई गुना अधिक अंक प्रदर्शित किए गए। उदाहरणस्वरूप, एक अभ्यर्थी के वास्तविक अंक लगभग 63 थे, जिन्हें फर्जीवाड़े के जरिए बढ़ाकर 182 दर्शाया गया। इसी प्रकार अनेक अभ्यर्थियों के 30 से 50 अंकों को बढ़ाकर 185 से अधिक अंक दिखाए गए।
कानून के शिकंजे में आरोपी
एसओजी द्वारा इस गंभीर प्रकरण में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के टेक्निकल प्रमुख सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण की जांच जारी है तथा इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों और लाभान्वित अभ्यर्थियों की भूमिका की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
पारदर्शिता और निष्पक्षता के प्रति प्रतिबद्धता
एसओजी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
