Written by : Sanjay kumar
नई दिल्ली, 01 फरवरी 2026।
📌 कुल अर्थव्यवस्था और लक्ष्य
• वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Union Budget 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार 9वां बजट है, जिसका लक्ष्य आर्थिक वृद्धि (growth), रोजगार सृजन, वित्तीय अनुशासन (fiscal discipline), और समावेशी विकास है।
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2026-27 प्रस्तावित मात्रा
कुल खर्च (अनुमानित)
लगभग ₹54.1 लाख करोड़ (अनुमान)
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)
GDP का लगभग 4.3%
कुल पूंजीगत व्यय (Capex)
₹12.2 लाख करोड़ (पिछले वर्ष से ~9% अधिक)
ऋण (Debt to GDP)
लगभग 55.6% (सरकारी आँकड़ा)
• राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) को GDP का 4.3% रखने का लक्ष्य रखा गया है, जो सरकार के वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।
• पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure / Capex) में जबरदस्त वृद्धि की गई है — ₹12.2 लाख करोड़ (लगभग 9% वृद्धि), जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और रोजगार पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
🧾 कर (Tax) और प्रशासनिक सुधार
📌 आयकर (Income Tax)
✔ आयकर स्लैब कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। यानी आम टैक्स-पेयर के लिए टैक्स दरें वही हैं।
✔ नया Income Tax Act 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जो कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाएगा।
✔ ITR भरने की टाइम-लाइन और संशोधन की सुविधा में सुधार किया गया।
📌 TDS/TCS में राहत
✔ TCS (Tax Collected at Source) को विदेशी यात्रा, विदेश शिक्षा और इलाज के लिए 2% तक घटा दिया गया — इससे विदेश यात्रा और शिक्षा/इलाज सस्ता होगा।
✔ कुछ सेवाओं पर TDS नियम को सरल बनाया गया है, जिससे compliance आसान होगा।
🏗️ इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure)
🚆 रेलवे और कनेक्टिविटी
✔ 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर — जैसे मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, दिल्ली-वाराणसी, हैदराबाद-बेंगलुरु, आदि — का प्रस्ताव।
✔ नया Dedicated Freight Corridor — Dankuni (पश्चिम बंगाल) से Surat (गुजरात) तक, जिससे सामान की ढुलाई तेज़ और सस्ती होगी।
📌 इन सबसे सामान्य यात्रियों को तेज़ सफ़र, लॉजिस्टिक्स लागत कम, तथा व्यापार में तेजी मिलने की उम्मीद है।
🚢 Rare Earth and Mineral Corridors
✔ भारत के खनिज-समृद्ध राज्यों ओडिशा, केरला, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में Rare Earth Corridors विकसित किए जाएंगे, जिससे उच्च तकनीक सामग्री (Hi-tech) बनाने में सहायता मिलेगी।
🛣️ सड़कों और जलमार्ग
✔ 20 नए National Waterways को operationalize करने की योजना।
🧠 मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी सेक्टर
🟡 Semiconductor Mission 2.0
✔ ₹40,000 करोड़ के साथ Semiconductor Mission 2.0 — सिलिकॉन चिप और टेक उत्पादन को बढ़ावा देगा।
☁️ Foreign Cloud Service Firms
✔ विदेशी कंपनियों को Indian data centers से क्लाउड सेवाएँ देने पर टैक्स हॉलीडे till 2047 का प्रस्ताव।
🪪 वित्तीय और बैंकिंग सुधार
✔ High-level बैंकिंग सेक्टर कमीटी बनाई जाएगी ताकि बैंकिंग सिस्टम को मजबूत बनाया जाए।
✔ Infrastructure Risk Guarantee Fund — बड़ा प्रोजेक्ट फाइनेंस सस्ता और सरल होगा।
✔ Municipal Bonds पर Incentives — शहरों को बांड जारी करने के लिए समर्थन।
🧑🌾 कृषि और ग्रामीण विकास
✔ ₹1.63 लाख करोड़ + से अधिक का कृषि आवंटन।
✔ उच्च-मूल्य फसलों, कृषि तकनीक, Value Chain बढ़ाने पर जोर दिया गया।
✔ Fisheries/Coastal fisheries के लिए 500 Reservoir और Amrit Sarovar को Integrated बनाया जाएगा।
👉 इससे किसानों को बेहतर कीमत, बाजार और व्यवसायिक अवसर मिलेंगे।
🩺 स्वास्थ्य और फार्मा
✔ Biopharma Shakti — ₹10,000 करोड़ का बड़ा बायो-फार्मा प्रोग्राम, जिससे भारत वैश्विक Biopharma hub बनेगा।
✔ ₹1,05,530 करोड़ स्वास्थ्य मंत्रालय को आवंटित — 8.96% वृद्धि।
✔ Central Customs duty में छूट दी जा रही है जिससे महंगी दवाइयाँ सस्ती होंगी।
✔ Regional Medical Tourism Hubs स्थापित होंगे।
🛡️ रक्षा (Defence)
✔ रक्षा विभाग को कुल ₹7.85 लाख करोड़ का बजट — बड़ा आवंटन।
✔ इसमें से ₹2.19 लाख करोड़ विशेष रूप से आधुनिक हथियार, विमानों और नेवी उन्नयन के लिए।
👉 इससे देश की सुरक्षा और दोस्त/दुश्मन क्षेत्र में संतुलन मजबूत होगा।
📈 बैंकिंग, निवेश और शेयर मार्केट
✔ STT (Securities Transaction Tax) में वृद्धि —
• Futures पर STT 0.05%,
• Options पर STT 0.15%।
👉 इससे शेयर बाजार में ट्रेडिंग खर्च बढ़ेगा, खासकर फ्यूचर्स और ऑप्शंस में।
✔ NRIs के लिए निवेश लिमिट बढ़ी —
• Individual Limit: 5% से 10%
• Overall Limit: 10% से 24% 🏦
🧍 सामाजिक क्षेत्र और जीवन गुणवत्ता
✔ Divyangjan Support Schemes — कौशल विकास व Technology सहायता।
✔ Girls’ Hostels, Veterinary Health Support, University Townships — सामाजिक समावेशन।
✔ Medical, Heritage and Cultural Tourism — Job creation व विकास को बढ़ावा।
💡 क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ?
📉 सस्ता हुआ: ✔ विदेश यात्रा और विदेश शिक्षा/इलाज के लिए पैसे भेजना (TCS 2%) सस्ता हुआ।
✔ कुछ महत्वपूर्ण दवाइयों पर import duty exemption से इलाज सस्ता होना संभव (कॉमन बाजार प्रतिक्रिया).
📈 महंगा हुआ: ✔ शेयर बाजार में ट्रेडिंग पर STT बढ़ा — जिससे शेयर निवेश पर खर्च बढ़ सकता है।
✔ कुछ कस्टम और टैक्स बदलाव से कुछ वस्तुओं की लॉजिस्टिक लागत में असर आ सकता है (GST-संबंधित क्षेत्रों पर घरेलू प्रतिक्रिया).
🛒 रोज़मर्रा की चीज़ों के दाम (ग्रोसरी, रसोई आदि) पर सीधा Tax change नहीं हुआ है, इसलिए महंगाई में बड़ा असर उम्मीद से कम है। (सार्वजनिक स्रोतों में इस पर कोई ठोस कदम नहीं बताया गया)
🧾 आम नागरिक के लिए असर (Citizen Impact)
✅ आम वेतनभोगी/मध्यम वर्ग:
• Income Tax स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं (अच्छा कि दरें नहीं बढ़ीं)
• NRI निवेश सुविधाओं से आगे आय के अवसर (विदेशी निवेश)
✅ छोटे उद्यम/ MSME:
• ₹10,000 करोड़ SME Growth Fund से व्यवसाय, स्टार्टअप और रोजगार को प्रोत्साहन।
✅ किसान/ग्रामीण:
• कृषि तकनीक, value chain support और बाजार पहुँच से आम किसान को दीर्घकालिक लाभ।
✅ स्वास्थ्य:
• दवाइयाँ और इलाज किसी मामलों में सस्ते, बेहतर सुविधाएँ और मेडिकल हब।
📌 निष्कर्ष
🇮🇳 Budget 2026-27 का फोकस दीर्घकालिक आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, टेक्नोलॉजी व मैन्युफैक्चरिंग को दुनिया के मानकों तक लाना, वित्तीय अनुशासन बनाए रखना और आम नागरिक को लाभ पहुंचाना रहा है।
यह बजट महंगाई-रोधी नहीं, बल्कि विकास-आधारित बजट है — जहां टैक्स स्लैब स्थिर, निवेश-योज़नाओं को बढ़ावा, रोजगार, कृषि, स्वास्थ्य और सुरक्षा में बढ़ोतरी करने की कोशिश की गई है।
