Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 01 फरवरी। इस्कॉन कोटा के गोविंद धाम, किशोरपुरा केंद्र पर भगवान नित्यानंद प्रभु का आविर्भाव महोत्सव ‘नित्यानंद त्रयोदशी’ अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। यह दिव्य आयोजन प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक संपन्न हुआ।
पंचामृत अभिषेक और छप्पन भोग रहा मुख्य आकर्षण
मायापुरवासी प्रभु जी ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ भगवान नित्यानंद प्रभु एवं श्री गौरांग महाप्रभु के दिव्य पंचामृत अभिषेक से हुआ। दूध, दही, घी, शहद एवं विभिन्न फलों के रस से सैकड़ों भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रभु का अभिषेक किया। इस अवसर पर भगवान को विशेष रूप से ‘छप्पन भोग’ अर्पित किया गया। विविध रंगों और स्वादों से सजे 56 व्यंजनों का यह नैवेद्य प्रभु के दरबार की शोभा बढ़ा रहा था और भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना।
मंदिर की परंपरा और मर्यादा का पालन करते हुए पुरुष श्रद्धालु धोती-कुर्ता एवं महिलाएं साड़ी धारण कर इस पावन सेवा में सम्मिलित हुईं, जिससे वातावरण और अधिक दिव्य एवं अनुशासित बना।
कलयुग में कृष्ण-प्रेम के दाता हैं नित्यानंद प्रभु
अभिषेक के पश्चात अवतार गौर प्रभु जी ने नित्यानंद प्रभु की महिमा पर सारगर्भित प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि “श्री नित्यानंद प्रभु साक्षात भगवान बलराम हैं, जो कलयुग में बिना किसी भेदभाव और योग्यता के समस्त जीवों को कृष्ण-प्रेम का दान देने आए हैं।” उन्होंने बताया कि प्रभु की करुणा, नाम-स्मरण और लीलाओं का चिंतन ही इस युग में शांति और आनंद का सच्चा मार्ग है।
महाआरती के पश्चात विशाल प्रसादी वितरण
कार्यक्रम के समापन पर भव्य महाआरती आयोजित की गई, जिसके उपरांत मंदिर की ओर से विशाल प्रसादी (भंडारे) की व्यवस्था की गई। सैकड़ों भक्तों ने अनुशासनपूर्वक कतार में लगकर प्रेमभाव से भगवान का महाप्रसाद ग्रहण किया। संकीर्तन की मधुर ध्वनि और ‘निताई-गौर’ के जयकारों से संपूर्ण किशोरपुरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
