रिश्वतखोरी पर सख्त कार्रवाई: पटवारी व कानूनगो को 3-3 वर्ष का कठोर कारावास, जुर्माना भी लगाया

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 17 मार्च। भ्रष्टाचार के खिलाफ महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए न्यायालय ने रिश्वत लेने के मामले में दोषी पाए गए पटवारी मांगीलाल नागर एवं कानूनगो जगन्नाथ वर्मा को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा कुल 90 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है।

प्रकरण के अनुसार, परिवादी अमरसिंह निवासी ग्राम निपानिया, तहसील छबड़ा, जिला बारां ने एसीबी, बारां में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके पिता के नाम इंतकाल खोलने तथा मूल हक त्याग पत्र लौटाने के बदले आरोपियों द्वारा 2,000 रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले पटवारी मांगीलाल नागर उससे 500-500 रुपए की राशि कई बार वसूल चुका था।

शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने 3 मार्च 2010 को ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी मांगीलाल नागर को 2,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मामले में एसीबी ने वर्ष 2010 में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान किया और वर्ष 2011 में एसीबी न्यायालय, कोटा में पटवारी मांगीलाल नागर एवं कानूनगो जगन्नाथ वर्मा के विरुद्ध चालान पेश किया।

विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 तथा धारा 13(1)(d) सहपठित धारा 13(2) के तहत तीन-तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं 15,000-15,000 रुपए जुर्माना, तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के अंतर्गत भी तीन-तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं 15,000 रुपए जुर्माने से दंडित किया।

यह निर्णय भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त संदेश देते हुए प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Pramukh Samvad

ताजा खबरों को देखने के लिए प्रमुख संवाद से जुड़े

https://www.pramukhsamvad.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!