जल संसाधन भवन’ का लोकार्पण, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुणवत्ता और समयबद्धता पर कसा शिकंजा


कोटा, 5 अप्रैल। ओम बिरला ने रविवार को नयापुरा स्थित लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक ‘जल संसाधन भवन’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह चार मंजिला भवन जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों को आधुनिक कार्य वातावरण प्रदान करेगा, जिससे कार्यों में गति, पारदर्शिता और समन्वय बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस भवन के माध्यम से क्षेत्र में सिंचाई योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुंचेगा और जल संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

लोकार्पण के पश्चात जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के साथ आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में कोटा, बूंदी और आसपास के क्षेत्रों में चल रही जल संसाधन परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में निर्माण कार्यों में देरी और ‘आरआरआर’ (RRR) कार्यों की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए बिरला ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रस्तावित पाटली परियोजना और सोलर आधारित माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति को तेज करने पर जोर दिया। बिरला ने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और हर कार्य निर्धारित समय में पूरा होना चाहिए।

रामगंजमंडी क्षेत्र के असिंचित इलाकों को ‘तकली मध्यम सिंचाई परियोजना’ से जोड़ने पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने मध्य प्रदेश के गांधी सागर से जल लाकर बांध की क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर शीघ्र व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की समस्या के समाधान के लिए बूढ़ादीत और इटावा क्षेत्रों में आवश्यक सुधार कार्य करने को कहा।

बरसात से पहले नहरों की सफाई पूर्ण करने और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। झाड़गांव के पास साइफन निर्माण प्रस्ताव को भी प्राथमिकता से आगे बढ़ाने की बात कही गई।

बैठक में परवन परियोजना, ईआरसीपी, रामपुरिया-गौहाटा एक्वाडक्ट, मेज बैराज, आलनिया बांध, हरिपुरा मांझी बांध, गुड़ा बांध, सावन-भादो परियोजना तथा चाकण बांध से संबंधित कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही गेण्डोली-फैलाई परियोजना में आ रही मेंटेनेंस समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने भी बैठक में स्पष्ट किया कि प्रदेश की सभी प्रगतिरत परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डीपीआर तैयार करने से पहले सभी तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी से बचा जा सके।

उन्होंने बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें कालीसिंध नदी पर नवनेरा बैराज और बनास नदी पर ईसरदा बांध का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि अन्य बैराज और पंप हाउस के कार्य तेजी से जारी हैं। बूंदी जिले में देश का सबसे बड़ा एक्वाडक्ट भी निर्माणाधीन है, जो क्षेत्र की जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करेगा।

बैठक में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर अपने सुझाव दिए। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि जल संसाधन परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों और आमजन को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाना है, जिसे समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करना आवश्यक है।

Pramukh Samvad

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