Written by : प्रमुख संवाद
बारां/शाहबाद, 27 अप्रैल।
भारतीय जनता पार्टी शाहबाद के कार्यकर्ताओं ने राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बारां डॉ. संजीव सक्सेना पर नियम विरुद्ध कार्यों एवं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाकर उन्हें पद से हटाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि डॉ. संजीव सक्सेना द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी योजनाओं में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार किया जा रहा है, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है और आमजन का विश्वास कम हो रहा है।
प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं:
- प्रतिनियुक्ति में वसूली:
ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में जीएनएम, एएनएम और डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति के नाम पर 1.50 से 2 लाख रुपये तक की वसूली का आरोप। लगभग 125 कर्मचारियों से राशि लेकर प्रतिनियुक्ति किए जाने की बात कही गई है। - सरकारी योजनाओं में लेन-देन:
मुख्यमंत्री जांच योजना, दवा योजना, एमएमवी, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट व अन्य स्टाफ की नियुक्ति में पैसों के लेन-देन के आरोप। - SDRF फंड में अनियमितता:
पीएचसी और सीएचसी को आवंटित राशि में फर्जी बिल लगाकर धन निकालने की कोशिश, जिसकी जांच जिला कलेक्टर द्वारा कराई जा रही है। - डायलिसिस यूनिट का मामला:
हंस फाउंडेशन द्वारा प्रस्तावित डायलिसिस यूनिट को कथित रूप से राशि मांगने के कारण बारां के बजाय बालोतरा (बाड़मेर) स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे स्थानीय जनता वंचित रह गई। - निर्माण कार्यों में कमीशन:
एनएचएम के तहत निर्माण कार्यों के हैंडओवर में ठेकेदारों पर दबाव बनाकर कमीशन लेने के आरोप। - स्टाफ को धमकाने के आरोप:
डॉक्टरों और स्टाफ को छोटी गलतियों के नाम पर व्हाट्सएप कॉल कर पैसे मांगना और न देने पर कार्रवाई की धमकी देना। - एनएचएम कार्यक्रमों में अनियमितता:
मनमर्जी से स्वीकृतियां जारी कर 50% तक राशि वसूली के आरोप। किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम व तंबाकू प्रचार फंड में भी गड़बड़ी का उल्लेख। - फूड इंस्पेक्टर के जरिए वसूली:
छोटे दुकानदारों से कार्रवाई के नाम पर पैसा वसूले जाने का आरोप, जिसमें एक व्यापारी से 5 लाख रुपये लेने का उल्लेख। - हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना:
राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद डॉक्टरों को एपीओ करने के आरोप। - जनप्रतिनिधियों को बदनाम करने का प्रयास:
स्थानांतरण पत्रों को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करने का आरोप। - जिला परिषद में भी उठा मामला:
24 अप्रैल 2026 की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जहां जांच के निर्देश दिए गए। - अस्पतालों में अव्यवस्था:
पर्ची काउंटर व लैब में लंबी कतारों से मरीजों को परेशानी। - लेबर रूम में अवैध वसूली:
डिलीवरी के नाम पर 1000-1200 रुपये वसूले जाने के आरोप। - छीपाबड़ौद सीएचसी में लापरवाही:
बेड बढ़ाने के बावजूद सुविधाओं का विस्तार नहीं किया गया।
भाजपा की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पद से हटाया जाए। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जनता का सरकार पर विश्वास बना रहे।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व मंडल अध्यक्ष आनंद गोयल, अरविंद शर्मा, पवन शर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
