जनगणना 2027: डिजिटल युग की ओर बढ़ता कदम, कोटा जिला तैयार – नागरिकों से सहयोग की अपील

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा 30 अप्रैल। भारत में वर्ष 1872 से निरंतर जनगणना का कार्य किया जा रहा है और आगामी जनगणना 2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। यह प्रक्रिया केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, रोजगार, लिंग अनुपात, सामाजिक संरचना और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का व्यापक सामाजिक दस्तावेज तैयार करने का आधार है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश एवं राज्य की विकास योजनाओं, नीतियों के निर्माण तथा संसाधनों के समुचित वितरण में अहम भूमिका निभाते हैं।

जनगणना 2027 को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी। इस चरण के अंतर्गत नागरिक 1 मई से 15 मई 2026 तक वेब पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से स्व-गणना कर सकेंगे। इसके पश्चात 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

इस बार पहली बार जनगणना की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिसमें ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा। मकान सूचीकरण के दौरान कुल 34 प्रश्न पूछे जाएंगे। स्व-गणना पूर्ण होने पर प्रत्येक नागरिक को 11 अंकों का एस.ई.आई.डी. नंबर प्रदान किया जाएगा, जिसके आधार पर फील्ड सर्वे के दौरान जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।

कोटा जिले में जनगणना कार्य को प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए कुल 17 चार्ज जनगणना अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इनमें 12 ग्रामीण क्षेत्र (7 तहसील एवं 5 नगरपालिका) तथा 5 नगर निगम क्षेत्र शामिल हैं। प्रत्येक चार्ज अधिकारी के अधीन एक नियमित सहायक कार्यरत है। प्रशिक्षण प्रक्रिया के तहत फरवरी माह में अधिकारियों एवं सहायकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त जिले में 2 मास्टर ट्रेनर्स एवं 71 फील्ड ट्रेनर्स नियुक्त किए गए हैं, जिन्होंने 15 से 17 अप्रैल तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। आगामी चरण में 28 अप्रैल से 12 मई तक सुपरवाइजर एवं प्रगणकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जिले में कुल 3519 प्रगणक नियुक्त किए गए हैं, जिनमें 1831 ग्रामीण एवं 1688 शहरी क्षेत्र में कार्यरत होंगे। इसके अतिरिक्त आवश्यकतानुसार प्रगणक एवं सुपरवाइजरों को रिजर्व में भी रखा गया है।

जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए उप जिला जनगणना अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी कार्यालय, कोटा, नगर निगम तथा प्रत्येक तहसील कार्यालय में जनगणना प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं। किसी भी प्रकार की शंका के समाधान हेतु हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क किया जा सकता है।

नागरिकों द्वारा प्रदान की गई समस्त जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है। जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 15 तथा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 8(1)(म) के तहत इन आंकड़ों के प्रकटीकरण से छूट प्रदान की गई है।

जिला प्रशासन, कोटा सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे जनगणना कार्य में प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का पूर्ण सहयोग करें तथा सटीक एवं सही जानकारी प्रदान कर राष्ट्र निर्माण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

Pramukh Samvad

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